Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona: Deep Emotional Poetry
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।
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मंगलवार, 15 सितंबर 2026

ज़िंदगी बीत गई अपनों को अपना करते

सितंबर 15, 2026 0
हँस भी लेते हैं दर्द अपना भुलाने के लिए, वरना रखा क्या है इस मतलबी ज़माने में। झूठ का शहर है और काँच की दीवारें हैं, आग लग जाती है अक्सर सच ...
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