जब निराश हो भूलोक से बैरंग लौटे शिव-पार्वती
कविता रावत
फ़रवरी 11, 2010
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एक दिन पार्वतीजी शिवजी से बोली- "भगवन! भूलोक पर आज लोग इतना कमर्काण्ड करते है फिर भी वे क्यों इसके लाभ से वंचिंत रह जाते है? प्रश्...
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