मिटटी-पानी-हवा यही तो कुदरत के हैं वरदान
कविता रावत
जून 23, 2022
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प्रकृति का वरदान, नहीं संभलता इंसान मिटटी-पानी-हवा यही तो कुदरत के हैं वरदान मानव तो धरती पर निश्चित समय का है मेहमान नदी, कुएँ, झील, बाव...
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