July 2010 - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Tuesday, July 27, 2010

Monday, July 19, 2010

यूँ ही अचानक कहीं कुछ नहीं घटता

July 19, 2010 52
यूँ ही अचानक कहीं कुछ नहीं घटता अन्दर ही अन्दर कुछ रहा है रिसता किसे फुरसत कि देखे फ़ुरसत से जरा कहाँ उथला कहाँ राज है बहुत गहरा बेवजह...
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Friday, July 2, 2010