March 2010 - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Monday, March 29, 2010

Wednesday, March 24, 2010

श्रीराम के आदर्श शाश्वत और मूल्य कालजयी हैं

March 24, 2010 9
मनुष्य की श्रेष्ठता उसके शील, विवेक, दया, दान, परोपकार धर्मादि सदगुणों के कारण होती है. इसलिये जीवन का मात्र पावन ध्येय "बहुजन हित...
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Wednesday, March 17, 2010

सौभाग्य जब भी आए वही उसका सही समय होता है

March 17, 2010 14
मामूली दुश्मन या घाव की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए दुश्मन अगर चींटीं भी हो तो उसे हाथी समझना चाहिए भेड़िये की मौत पर भेड़ अपनी खैर मनाता है ...
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Sunday, March 7, 2010

सब चलता रहता है

March 07, 2010 21
गाँव हो या शहर आज जब भी कोई घटना, दुर्घटना या सामाजिक सरोकार से सम्बंधित कुछ अहम् बातें सामने आती है तो अक्सर बहुत से लोगों को बड़े सहजता स...
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