जून 2025 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

सोमवार, 30 जून 2025

गूगल स्तुति : गूगल की महिमा पर विशेष हिंदी कविता। Google Baba

जून 30, 2025 79
सबके प्यारे, ज्ञान के सागर, गूगल बाबा।  सारे जग से न्यारे, सुख के गागर, गूगल बाबा। भटके को राह दिखाते तुम, अंधियारा दूर भगाते तुम,  वसुधै...
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शुक्रवार, 27 जून 2025

मंगलवार, 24 जून 2025

मगर म्यारू भुल्ला दारू नि पेई || New Uttarakhandi latest Song ||

जून 24, 2025 4
भले काचू पाकू रूखु सूखू खैई भले जनि तनि करि घर तू चलैई भले कैका गोरू बकरा चरैई मगर म्यारू भुल्ला दारू नि पेई यु दारू त घर मा झगड़ा करांद फेफड़...
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गुरुवार, 19 जून 2025

जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ नहीं होती। हिंदी गजल

जून 19, 2025 138
जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ न होतीं, हौसलों पर हमारे फिर ये हैरानियाँ न होतीं। रख भी सकता था वो मुझको दिल के मकां में अपने, मुमकिन है ...
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शनिवार, 14 जून 2025

कम से कम सामान रखना, जिन्दगी आसान रखना

जून 14, 2025 0
कम से कम सामान रखना जिन्दगी आसान रखना । फिक्र औरों की है लाजिम पहले अपना ख्याल रखना।। हर कोई कतरा के चल दे नहीं ऐसा अभिमान करना। भीड़ में घु...
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अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है

जून 14, 2025 20
बैल  को  सींग और आदमी  को उसकी  जबान से  पकड़ा  जाता  है। अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।। तूफान  के  समय की शपथें ...
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शुक्रवार, 13 जून 2025

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