Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona: दुआ
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।
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गुरुवार, 19 जून 2025

जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ नहीं होती। हिंदी गजल

जून 19, 2025 138
जिंदगी में अगर हमारी दुश्वारियाँ न होतीं, हौसलों पर हमारे फिर ये हैरानियाँ न होतीं। रख भी सकता था वो मुझको दिल के मकां में अपने, मुमकिन है ...
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