2013 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

गुरुवार, 21 नवंबर 2013

शनिवार, 17 अगस्त 2013

सावन के झूले और उफनते नदी-नाले

अगस्त 17, 2013
ग्रीष्मकाल आया तो धरती पर रहने वाले प्राणी ही नहीं अपितु धरती भी झुलसने लगी। खेत-खलियान मुरझाये तो फसल कुम्हालाने लगी। घास सूखी तो फूलों...
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गुरुवार, 1 अगस्त 2013

घर से बाहर एक घर ||Ghar se Bahar ek Ghar|

अगस्त 01, 2013
हिन्दी साहित्य के प्रति मेरा रूझान बचपन से रहा है। बचपन में जब पाठशाला जाने से पहले दूसरे बच्चों की तरह हम भी घर में धमा-चौकड़ी मचाते हु...
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शनिवार, 22 जून 2013

संत कबीर

जून 22, 2013
       "यहु ऐसा संसार है, जैसा सेमर फूल।         दिन दस के ब्यौहार कौं, झूठे रंग न भूल।।"         दस दिन के जीवन पर मानव नाहक ह...
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गुरुवार, 6 जून 2013

शनिवार, 1 जून 2013

शनिवार, 18 मई 2013

मंगलवार, 30 अप्रैल 2013

मजबूरी के हाथ

अप्रैल 30, 2013
यों रविवार छुट्टी और आराम का दिन होता है, लेकिन अगर पूछा जाय तो मेरे लिए यह सबसे ज्यादा थकाऊ और पकाऊ दिन होता है। दिन भर बंधुवा मजदूर की...
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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

लोकहित में सानुरोध अपील

अप्रैल 26, 2013
हमारे गढ़वाल क्षेत्र का एक करीबी परिवार जो कि गांव में ही रहता है। जो कि गत सप्ताह  दिल्ली स्थित अपने एक निकट सम्बन्धी के विवाह समारोह मे...
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गुरुवार, 18 अप्रैल 2013

रविवार, 7 अप्रैल 2013