फ़रवरी 2011 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

वसंत और तुम

फ़रवरी 08, 2011 61
दबे पाँव हृदय में छिपे उस दर्द को, अक्सर किसी की खामोशियाँ बयाँ कर देती हैं। चहुँओर गूँज रहा है अब 'वसंत' का उल्लास, आओ, पीछे छोड़ द...
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