जुलाई 2024 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

रविवार, 21 जुलाई 2024

दादू सब ही गुरु किए, पसु पंखी बनराइ । गुरु पूर्णिमा

जुलाई 21, 2024
घर में माता-पिता के बाद स्कूल में अध्यापक ही बच्चों का गुरु कहलाता है। प्राचीनकाल में अध्यापक को गुरु कहा जाता था और तब विद्यालय के स्...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 16 जुलाई 2024

हरियाली अमावस्या और पौधारोपण | वृक्षारोपण। Hariyali Amavasya and Plantation | हरेला पर्व

जुलाई 16, 2024
आज सुबह-सुबह दरवाजे के घंटी बजी तो देखा कि हमारे पड़ोस की बिल्डिंग में रहने वाली एक महिला खड़ी थी। उसे देखकर मैंने उसे बैठने को कहा तो वे कहने...
और पढ़ें>>

सोमवार, 15 जुलाई 2024

शुक्रवार, 12 जुलाई 2024

सूरज की तपन गई बरखा बहार आयी

जुलाई 12, 2024
सूरज की तपन गई बरखा बहार आयी झुलसी-मुरझाई धरा पर हरियाली छायी बादल बरसे नदी-पोखर जलमग्न हो गए खिले फूल, कमल मुकुलित बदन खड़े हुए नदियां ...
और पढ़ें>>

मंगलवार, 2 जुलाई 2024

काठमांडू की वादियों में । Kathmandu

जुलाई 02, 2024
हर दिन एक ही ढर्रे के बीच झूलती जिंदगी से जब मन ऊबने लगता है तो महापंडित राहुल सांकृत्यायन के यात्रा वृतांत 'अथातो घुम्मकड़ जिज्ञास...
और पढ़ें>>