May 2012 - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Sunday, May 20, 2012

प्यार का ककहरा !

May 20, 2012 59
थोड़ी सी बात हुई चंद मुलाकात हुई वे अपना मान बैठे जाने क्‍या बात हुई देखते आये थे जिसे करने लगे ‘प्यार’ उसे वे इसे ही समझ बैठे जग समझे चा...
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Friday, May 11, 2012