June 2013 - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Saturday, June 22, 2013

संत कबीर

June 22, 2013 296
       "यहु ऐसा संसार है, जैसा सेमर फूल।         दिन दस के ब्यौहार कौं, झूठे रंग न भूल।।"         दस दिन के जीवन पर मानव नाहक ह...
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Thursday, June 6, 2013

Saturday, June 1, 2013