'इ' और 'ई' के मुहावरों की काव्य-धारा
कविता रावत
मई 14, 2026
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जो अपनों की ही इज़्ज़त उतारें , वे जग में नाम क्या पाएंगे? इज़्ज़त मिट्टी में मिलाकर अपनी, वे खुद ही पछताएंगे। इधर की उधर लगाकर जो, घर-घर ...
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