KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Recent Posts

Monday, September 20, 2021

माटी की मूरत

September 20, 2021 17
गीली सी मिट्टी से भर के अपनी मुट्ठी  सोचा मैंने बनाऊँ माटी की मूरत ऐसी  डूबूँ जिसको ढ़ालते-बनाते मैं ऐसे कि  दिखे मुझे वह सपनों की दुनिया जैस...
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Tuesday, September 14, 2021

Thursday, September 9, 2021

मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाते समय कठिन परिश्रम और धैर्य की परीक्षा होती है

September 09, 2021 11
प्रथम पूज्य गणपति जी की मूर्ति स्थापना के साथ ही पर्यावरण और हमारी झीलों को खतरनाक रसायनों से बचाने के उद्देश्य से मेरे शिवा ने इस बार गणेशो...
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Thursday, September 2, 2021

बहुत लोगों को डराकर रखने वाला भी बहुत लोगों से डरता है

September 02, 2021 11
बुरे संग प्रार्थना करने से भले लोगों संग मिलकर डाका डालना भला सुन्दर वस्त्र पहनकर नरक जाने से चिथड़े पहनकर स्वर्ग जाना भला बेडौल लोहे को हथौड़...
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Sunday, August 8, 2021

हरियाली अमावस्या और वृक्षारोपण

August 08, 2021 16
  आज हरियाली अमावस्या है। हमारे हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन माह में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या कहते हैं। इ...
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Sunday, July 25, 2021

भले लोग भेड़ जैसे जो किसी को हानि नहीं पहुँचाते हैं

July 25, 2021 23
बह चुके पानी से कभी चक्की नहीं चलाई जा सकती है लोहे से कई ज्यादा सोने की जंजीरें मजबूत होती है चांदी के एक तीर से पत्थर में भी छेद हो सकता ह...
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Friday, May 21, 2021

कोरोना में घर-परिवार और हाॅस्पिटल का संसार

May 21, 2021 23
कोरोना की मार झेलकर 10 दिन बाद हाॅस्पिटल से घर पहुंचा तो एक पल को ऐसे लगा जैसे मैंने दूसरी दुनिया में कदम रख लिए हों। गाड़ी से सारा सामान खुद...
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Friday, April 23, 2021

ऐसा कोई मनुष्य नहीं जो दुःख और रोग से अछूता रहता है

April 23, 2021 13
ऐसा कोई मनुष्य नहीं जो दुःख और रोग से अछूता रहता है  थोड़ी देर का सुख बहुत लम्बे समय का पश्चाताप होता है  एक बार कोई अवसर हाथ से निकला तो वाप...
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Monday, March 29, 2021

अबकी बार होली में कोरोना ने है पकड़ा

March 29, 2021 8
अबकी बार होली में  कोरोना ने है पकड़ा चुराकर सब रंग मेरे अपने रंग में है जकड़ा गले में ठूसी जा रही हैं रंग बिरंगी गोलियां मुंह बांधे उड़ी...
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Sunday, March 21, 2021

मतलबी दुनिया में एक दिन सबका आता है

March 21, 2021 15
 न लालच, गुस्सा न शिकायत  एक समभाव वाला जीव वह भारी मेहनत करने के बाद भी रूखा, सूखा खाकर खुश रहता है  दुनिया भर का अत्याचार सहता है  जुग-जुग...
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