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ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

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शनिवार, 20 जून 2026

कंक्रीट के जंगलों में महकती गांव की मिट्टी: जब शहर में मुस्कुराया 'आड़ू'

जून 20, 2026 0
आधुनिकता की दौड़ और गांव की यादें "लगाकर पेड़ आड़ू का, शहर में गांव जी उठा, चखा जो स्वाद उसका तो, पुराना दौर याद आया..."     बाज़ा...
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'ग' से शुरू होने वाले हिंदी मुहावरों की कविता (भाग-5)

जून 20, 2026 0
  गर्दन फँसती है झंझट में , जब इंसान गच्चा खाता है , फिर गाढ़े दिन की मार पड़े , तब गला पकड़ पछताता है।   गड्ढा खोदना औरों ...
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शुक्रवार, 19 जून 2026

गुरुवार, 18 जून 2026

बुधवार, 17 जून 2026

मंगलवार, 16 जून 2026

शनिवार, 13 जून 2026

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