KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Recent Posts

Sunday, September 20, 2020

चलते रहते हैं हम सब अपनी राहों में

September 20, 2020 12
चलते रहते हैं हम सब अपनी राहों में जो जाते हैं हमारे लक्ष्य तक चलते-चलते हम गिरगें और उठेंगे पर नहीं छोड़ेंगे ये डगर तो चलते रहेंगे हम आगे बढ़...
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Monday, September 14, 2020

हिन्दी तथा प्रादेशिक भाषा भाषियों के विरुद्ध अंग्रेजी परस्तों की साजिश

September 14, 2020 10
हमारा देश जब अंग्रेजों की दासता से मुक्ति पाने जा रहा था, हमारे स्वतंत्रता सैनानियों/जन नेताओं ने एक संविधान सभा का गठन किया, ताकि एक संविधा...
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Saturday, September 5, 2020

Saturday, August 22, 2020

Monday, July 27, 2020

कलाल की दुकान पर पानी पीओ तो शराब का गुमान होता है

July 27, 2020 17
कलाल की दुकान पर पानी पीओ तो शराब का गुमान होता है  फूलों के कारण माला का धागा भी पावन हो जाता है  अच्छा पड़ोसी मूल्यवान वस्तु से कम नहीं होत...
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Sunday, June 21, 2020

Friday, June 5, 2020

कोरोना काल और बच्चों की दुनिया

June 05, 2020 15
कोरोना ने पूरी दुनिया में हाहाकर मचा रखी है। इस वैश्विक महामारी ने मानव अस्तित्व की चूलेँ हिला कर रख छोड़ी है।  इस महामारी ने अमीर-गरीब, वर्ण...
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Sunday, May 31, 2020

तम्बाकू सी मोहिनी ..... लम्बे-चौड़े पात

May 31, 2020 14
कभी गांव में जब रामलीला होती और उसमें राम वनवास प्रसंग के दौरान केवट और उसके साथी रात में नदी के किनारे ठंड से ठिठुरते हुए आपस में हुक्का ...
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Friday, May 1, 2020

उसे मजदूरी मिल गई

May 01, 2020 23
पेट की आग बुझाने के लिए रोटी अनिवार्य है। जब तक पेट में रोटी नही जाती तब तक सारी बातें खोटी लगती है। पापी पेट सबकुछ करवा सकता है। कहते ह...
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Sunday, April 26, 2020