'ट' से शुरू होने वाले हिंदी मुहावरों की कविता (भाग-1)
कविता रावत
अक्टूबर 22, 2026
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इस दुनिया के रंग-ढंग में , अजब तमाशा चलता है , भलाई के हर काम में कोई , टाँग अड़ाने बढ़ता है। खुद तो कुछ करना पाएँ , बस टंटा खड़ा वो करत...
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