KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Recent Posts

Saturday, February 20, 2021

दो घरों की चिराग होती हैं बेटियाँ

February 20, 2021 26
चिरकाल से लड़कों को घर का चिराग माना जाता है, लेकिन मैं समझती हूँ कि यदि उन्हें घर का चिराग माना जाता है तो मेरे समझ से वे केवल एक घर के ही ह...
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Saturday, January 30, 2021

Tuesday, January 19, 2021

जब शेर पिंजरे में बन्द हो तो कुत्ते भी उसे नीचा दिखाते हैं

January 19, 2021 18
जब मनुष्य सीखना बन्द कर देता है तभी वह बूढ़ा होने लगता है बुढ़ापा मनुष्य के चेहरे पर उतनी झुरियाँ नहीं   जितनी उसके मन पर डाल देता है अनुभव से...
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Thursday, December 31, 2020

Saturday, November 28, 2020

अब मैं वह दिल की धड़कन कहाँ से लाऊंगा

November 28, 2020 18
  जब-जब भी मैं तेरे पास आया तू अक्सर मिली मुझे छत के एक कोने में चटाई या फिर कुर्सी में बैठी बडे़ आराम से हुक्का गुड़गुड़ाते हुए तेरे हुक्के...
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Friday, November 27, 2020

संसार में इंसान अकेला ही आता और जाता है

November 27, 2020 11
  जाने कैसे मर-मर कर कुछ लोग जी लेते हैं  दुःख में भी खुश रहना सीख लिया करते हैं मैंने देखा है किसी को दुःख में भी मुस्कुराते हुए और किसी का...
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Saturday, November 7, 2020

व्रतों और मौसम के बीच सन्तुलन

November 07, 2020 5
  सभी धर्मावलम्बी, किसी न किसी रूप में वर्ष में कभी न कभी उपवास अवश्य रखते हैं। इससे भले ही उनकी जीवनी-शक्ति का जागरण न होता होगा किन्तु धार...
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Monday, October 19, 2020

तिल-तिल जीने वाला हर दिन मरता है

October 19, 2020 12
शत्रु की मुस्कुराहट से मित्र की तनी हुई भौंहे अच्छी होती है मूर्ख के साथ लड़ाई करने से उसकी चापलूसी भली होती है किसी कानून से अधिक उसके उल्लं...
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Sunday, September 20, 2020

चलते रहते हैं हम सब अपनी राहों में

September 20, 2020 18
चलते रहते हैं हम सब अपनी राहों में जो जाते हैं हमारे लक्ष्य तक चलते-चलते हम गिरगें और उठेंगे पर नहीं छोड़ेंगे ये डगर तो चलते रहेंगे हम आगे बढ़...
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Monday, September 14, 2020

हिन्दी तथा प्रादेशिक भाषा भाषियों के विरुद्ध अंग्रेजी परस्तों की साजिश

September 14, 2020 10
हमारा देश जब अंग्रेजों की दासता से मुक्ति पाने जा रहा था, हमारे स्वतंत्रता सैनानियों/जन नेताओं ने एक संविधान सभा का गठन किया, ताकि एक संविधा...
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