August 2010 - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Saturday, August 28, 2010

Sunday, August 15, 2010

बचपन के स्वत्रंत्रता दिवस का वह एक दिन

August 15, 2010 38
शहर की महज औपचारिक दिशा की और निरंतर अग्रसर होती स्वत्रंत्रता दिवस की एक दिवसीय चकाचौध के बीच बचपन में गाँव के स्कूल में मनाये जाने वाले...
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Sunday, August 8, 2010

मनभावन वर्षा

August 08, 2010 36
मुरझाये पौधे भी खिल उठते जब उमड़- घुमड़ बरसे पानी, आह! इन काली घटाओं की दिखती हरदम अजब- गजब की मनमानी। देख बरसते बादलों को ऊपर मलि...
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Sunday, August 1, 2010