कविता! तेरे प्यार में, हाले-दिल बेहाल रे
कविता रावत
नवंबर 29, 2013
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सौंप दिया यह दिल तुमको, जबसे तुमने अपनाया है, जागा है यह दिल भी मेरा, जबसे प्रेम समझ में आया है। वश में है अब न यह धड़कन, मन भी भागा जाये ...
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