'खबर उड़ाना/लेना' से 'खून सिर पर चढ़ना' तक जानिए 'ख' वर्ण से जुड़े मुहावरों की बेहद खूबसूरत काव्यात्मक रूप।
अफवाहों की खबर उड़ाना और दुश्मनों की खबर लेना दो अलग बातें हैं,
जब खून आँखों में उतरता है, तब कायर भी रण में जाते हैं।
नौजवानों में खून का जोश हो, तो देश का मान बढ़ता है,
पर जो अपनों को खून के आँसू रुलाए, वो पाप के रास्ते चलता है।
अपमान सहकर खून का घूँट पीना भी कभी-कभी मज़बूरी है,
क्रोध में
खून
खौलना सहज है, पर संयम भी उतना ही ज़रूरी है।
युद्ध में
खून
की नदी बहाना और खून-खच्चर होना तबाही लाता है,
मासूमों का खून जिसकी गर्दन पर हो, वह नरक का भागी कहलाता है।
ज़ालिम किसी का खून पीता है, गरीबों का खून चूसता है जो,
उसका खून
ठण्डा/सर्द होना तय है, चाहे जितना भी उबलता हो।
जब खून सिर पर
चढ़कर बोलता है या खून सिर पर चढ़ता है,
तब इंसान का खून सफ़ेद हो जाता है और वह पतन की ओर बढ़ता है।

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