क्या आप हिंदी मुहावरों को एक नए और मजेदार अंदाज में पढ़ना चाहते हैं? यहाँ पढ़िए बेहतरीन हिंदी मुहावरों की कविता जो बच्चों और बड़ों दोनों को खूब पसंद आएगी।
गधे को बाप बनाना छोड़ो, क्यों गिरगिट सा रंग बदलते हो?
गुरू घंटालों
की
संगत में, क्यों गुलछर्रे उड़ा फिसलते
हो?
क्यों गाजर-मूली समझ सबको, तुम अपनी गर्दन ऐंठे रखते हो?
गुड़-गोबर
सब
हो जाता है, जब व्यर्थ ही गाल बजाते
हो।
गधे पर चढ़ना
पड़
जाता है, जब ओछे काम कोई करता,
गधे के सवार को हाथी पर देख,
क्यों
पाखंडी मन ही मन जलता?
मत गिटपिट कर रोब झाड़ो, मत गढ़-गढ़ कर बातें बनाओ,
गाजर की पुंगी बजने तक,
तुम
झूठी शान न दिखलाओ।
... Kavita Rawat

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