'कुट्टी करने' से 'कोढ़ में खाज' तक जानिए 'क' वर्ण से जुड़े मुहावरों की बेहद
खूबसूरत काव्यात्मक रूप।
बोलचाल बंद कर लेने को, कहते हैं कुट्टी करना,
बोल न पाना डर के मारे, यानी कुडुक बोलना।
बहुत गुस्सा आना किसी को, जैसे कुत्ता काटना,
हल्की
और सजग नींद को कहते, कुत्ते
की नींद सोना।
बुरी तरह किसी को मारना, कुत्ते की मौत करना,
दुर्दशा के साथ मर जाना, कुत्ते की मौत मरना।
भारी लालच में पड़ जाना, कुत्ते के पाँव जाना,
ईश्वर की लीला न्यारी है, यह तो है कुदरत का खेल।
मर जाना या नष्ट हो जाना, कुप्पा लुढ़कना भाई,
अत्यधिक घमंडी या मोटा होना, कुप्पा होना कहाई।
रूठकर बैठ जाना मुँह फुलाकर, कुप्पे सा मुँह करना,
अपार धन-संपत्ति होना, जैसे कुबेर का धन मिलना।
ऊपर से बहुत पवित्र बनना, कुरान का जामा पहनना,
आदर-सत्कार किसी का करना, उसे कुर्सी देना।
वंश का नाश हो जाना, कुल का दीपक बुझना,
छिपकर कोई गुप्त काम करना, कुल्हिया में गुड़ फोड़ना।
प्रस्थान की घोषणा कर देना, कूच का डंका बजाना,
चले जाना या मर जाने को, कहते हैं कूच बोलना।
योग्यता या गुण कूटकर भरे होना, कूट-कूट कर भरा होना,
पुराना रूप तज नया रूप धरना, अपनी केंचुल बदलना।
व्यर्थ की बकवास करने को, कहते हैं के-के करना,
संतान प्राप्ति का सुख मिलना, यानी कोख खुलना।
दिवाला निकल जाना सेठ का, उसकी कोठी गलाना,
नया व्यापार शुरू करना, यानी कोठी चलना।
बहुत कष्ट झेलना जीवन में, जैसे कोदों दलना,
लज्जित होकर बचकर निकलना, अपना कोना झाँकना।
बुरों की संगति में कलंक लगना, कोयले की दलाली में हाथ काला होना।
मूल्यवान वस्तु की सुरक्षा न करना, कोयलों पर मुहर होना।
दिन-रात बस काम में जुटे रहना, जैसे कोल्हू का बैल,
अत्यधिक परिश्रमी होने को कहते, कोल्हू का बैल होना।
बड़े लाभ को छोड़ छोटे में लगना, कोल्हू काटकर मुँगरी बनाना,
दु:ख पर एक और दुख आ जाना, जैसे कोढ़ में खाज होना।
...कविता रावत


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