क्या आप हिंदी मुहावरों को एक नए और मजेदार अंदाज में पढ़ना चाहते हैं? यहाँ पढ़िए बेहतरीन हिंदी मुहावरों की कविता जो बच्चों और बड़ों दोनों को खूब पसंद आएगी।
जब पकड़ी जाए चोरी कोई, तो घड़ों पानी पड़ जाता है,
और आख़िरी वक्त जब आता है, इंसान घड़ियाँ गिनने लग
जाता है।
टले न टाले काल की गति, जब मौत की घड़ी टलती
नहीं
किसी की,
भय के मारे आवाज़ न निकले, घिग्घी बँध जाती है
तब उसकी।
जब सांसें रुकने लगती हैं, और गले में घुटकी लगती
है,
गम के साए में घुटते-घुटते, घुट-घुट कर जान तब
निकलती है।
हालात के आगे आखिर में, बड़े-बड़ों को घुटना टेकना
पड़ता
है,
जब कोई न सहारा बचा हो, घुटनों में सिर देना पड़ता है।
निराशा में डूबा इंसान, घुटनों से लगकर बैठ जाता है,
जैसे लकड़ी को अंदर ही अंदर, कोई घुन लग जाता है।
पर जब होश ठिकाने आता है, सारा आलस और घुन झड़ जाता
है,
वही उठ खड़ा होता है फिर से, जो दुखों को हराना सीख जाता है।
... Kavita Rawat

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