'खून का प्यासा' से खटाई में डालना तक जानिए 'ख' वर्ण से जुड़े मुहावरों की बेहद खूबसूरत काव्यात्मक रूप।
खून ठण्डा होना वीरों का, फिर कहता धीरज कौन है?
जो खोज खबर लेना भूल गए, वक़्त उन्हें बतलाएगा,
खून के आँसू रुलाना जिसको, वह खुद ही पछताएगा।
अपनों को खरी-खोटी सुनाना, अपनों का ही अपमान है,
देख यह अन्याय भीतर ही भीतर, खून खौलना स्वाभाविक है।
किसी की विपदा पर खिल्ली उड़ाना, ओछी मानसिकता का काम है,
सच्चे काम को खटाई में डालना, बस आलस का ही नाम है।
... कविता रावत


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