'ग' से शुरू होने वाले हिंदी मुहावरों की कविता (भाग-1) - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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मंगलवार, 16 जून 2026

'ग' से शुरू होने वाले हिंदी मुहावरों की कविता (भाग-1)

क्या आप हिंदी मुहावरों को एक नए और मजेदार अंदाज में पढ़ना चाहते हैं? यहाँ पढ़िए बेहतरीन हिंदी मुहावरों की कविता जो बच्चों और बड़ों दोनों को खूब पसंद आएगी।

गढ़ फतह करना है तुमको, मत गिन-गिनकर कदम धरो,

गूलर का फूल न बन जाना, गाढ़ी कमाई का मान करो।

 

गुड़ियों का खेल नहीं जीवन, मत गाड़ी अपनी रुकने दो,

गज भर की छाती तान खड़े, मत शीश विपद में झुकने दो।

 

गोटी बैठाकर मेहनत की, तुम गढ़ जीतना सीखो अब,

गोड़ी जम जाए जीवन की, तुम भाग्य बदलना सीखो अब।

 

गौरी-गणेश कर धीरज से, तुम मंजिल पर आँखें टिकाओ,

गति पाना है जो जीवन में, तो आलस को दूर भगाओ।


... Kavita Rawat

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