क्या आप हिंदी मुहावरों को एक नए और मजेदार अंदाज में पढ़ना चाहते हैं? यहाँ पढ़िए बेहतरीन हिंदी मुहावरों की कविता जो बच्चों और बड़ों दोनों को खूब पसंद आएगी।
गूँगे का गुड़ है
सुख जीवन का, जिसका वर्णन न हो
पाता,
गुल खिलते
हैं
जब अनहोनी के, तब गूलर का पेट फट जाता।
गिनी रोटियाँ नया शोरबा, बस
बँधा हुआ ही मिलता है,
पर गुदड़ी का लाल जहाँ
हो, वहाँ कमल गन्दगी में
खिलता है।
गैल जाना सत्पुरुषों के ही, जीवन की सच्ची राह यहाँ,
गधे के सिर पर सींग ढूँढना, मूर्ख की होती चाह
यहाँ।
गोद सूनी हो या गठरी कटे, यह भाग्य का खेल
निराला है,
गोता खाना पड़ता
उसको, जिसने छल का जाल डाला
है।
... Kavita Rawat

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