मेरी बहिना जाएगी स्कूल! - KAVITA RAWAT
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Sunday, April 7, 2013

मेरी बहिना जाएगी स्कूल!















माँ जी देखो बाबा देखो 
बहिना मेरी रट लगाती है।
'मैं भी स्कूल चलूँगी भैय्या'
खींचकर बस्ता कहती है।।

जाकर बाजार से जल्दी 
एक स्लेट-बत्ती ला दो ।
पकड़कर हाथ इसका
क ख ग घ  सिखला दो।।

रात को जल्दी सुलाकर इसे
सुबह जगाना न जाना भूल।
मेरे संग उछलकूद करती
मेरी बहिना जाएगी स्कूल।।

       ...कविता रावत

54 comments:

साहित्य और समीक्षा डॉ. विजय शिंदे said...

सार्थक और सहाज भाव। कविता जी हो सकाता है आपने अपने बचपन को भी कविता लिखते महसूस किया हो। घर के बच्चों का हठ और मांगे देख हम मन ही मन हंसने लगते हैं। मैं कहूं कि मेरी बहना स्कूल जाएं और पढ-लिख आसमान को छुएं। मेरा संदेश उस तक पहुंचाने का कष्ट करें।
drvtshinde.blogspot.com

ANULATA RAJ NAIR said...

:-)

बचपन की मिठास लिए प्यारी रचना...

अनु

Meenakshi said...

छोटे बच्चों की पहले पहल स्कूल जाने की उत्सुकता का सुन्दर मासूम सजीव चित्रण पढ़कर लगा जैसे यह मेरे बच्चे हों और मुझसे बतिया रहें हों...

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बेहतरीन प्रेरक सुंदर बाल रचना !!!

RECENT POST: जुल्म

Rajendra kumar said...

बहुत ही बेहतरीन प्रेरक रचना,आभार.

रचना दीक्षित said...

सुंदर बाल गीत.

आशा बिष्ट said...

मनमोहक।।।।।

आशा बिष्ट said...

मनमोहक।।।।।

आशा बिष्ट said...

मनमोहक।।।।।

Harihar (विकेश कुमार बडोला) said...

अच्‍छी।

दिगम्बर नासवा said...

अभी तो जिद्द कर रहा है ... बहना जब तंग करेगी तो कहेगा ... नहीं नहीं इसे दूसरे स्कूल भेजो ... हा हा ...
सुन्दर बाल रचना है ..

rashmi ravija said...

बहुत ही मासूम सी रचना...तस्वीर तो और भी प्यारी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

वहुत बढ़िया, यह ललक अन्त तक बनाए रहिए!

PRIYA RANJAN said...

वाह इतना बढ़िया

प्रिय रंजन भोखरी करगहर रोहतास

Mamta Bajpai said...

मीठी सी ...लोरी सीसुन्दर रचना

Jyoti khare said...


सुंदर रचना
बधाई

http://jyoti-khare.blogspot.in/-------में
सम्मलित हों "समर्थक"बनें
आभार

आनन्द विक्रम त्रिपाठी said...

सुंदर गीत |

Raju Patel said...

कविता : इतना सहज कैसे लिख लेती है आप... !!!

Raju Patel said...

मैं इसे फेसबुक के 'काव्यालय ' फोरम में शेर कर रहा हूँ...

Raju Patel said...
This comment has been removed by the author.
Raju Patel said...

अजीब बात है - इसे पढ़ कर आँखें नम हो जाती है...

प्रतिभा सक्सेना said...

भाई-बहन का जोड़ा जैसे एक डाल पर खिले दो फूल -सहज,सुन्दर ,अनुरूप!

संजय भास्‍कर said...

मासूम सी रचना....!!!

संजय भास्‍कर said...

मासूम सी रचना....!!

Neeraj Neer said...

बहुत प्यारी , मासूम सी रचना.

डॉ. मोनिका शर्मा said...

मीठी सी प्यारी सी रचना

Unknown said...

बचपन भी कितना प्यारा होता है ....जितना सोचो उतना और प्यार आता है ...बचपन सी प्यारी रचना

RAJ said...

आपके नाम के अनुकूल मासूमियत से रची-बसी सुन्दर प्यारी बाल रचना ......लाजवाब !!

Surya said...

वाह जी वाह! कविता जी ! जितने सुन्दर मासूम बच्चे उतनी ही सहज प्यारी रचना आप के अलावा और भला आजकल कौन लिखता है!!!!!! भाई-बहन के प्यार से बढ़कर कुछ नहीं है संसार में ...

Unknown said...

bhai bahan ke pyar ko darshaati sunder rachna

Dr.NISHA MAHARANA said...

mithe pal......

shashi purwar said...

sundar bachpan

Ramakant Singh said...

रात को जल्दी सुलाकर इसे
सुबह जगाना न जाना भूल।
मेरे संग उछलकूद करती
मेरी बहिना जाएगी स्कूल।

आपने बचपन को लौटा दिया

Sunitamohan said...

masti bhari pyari rachna.............. bhai- bahan ko tasveer me dekhna aur use kavita k roop me padhna, achchha laga!

अनूप सिंह रावत " गढ़वाली इंडियन " said...

सुंदर रचना ...
बधाई ...

VIJAY KUMAR VERMA said...

वाह, बहुत बढ़िया

Ranjana verma said...

मीठी सी प्यारी रचना

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

कविता जी आपकी कविता और आपके विषय में पढकर अच्छा लगा । आप शिक्षा विभाग में हैं तब तो और भी सुलभ और स्वाभाविक है बच्चों के लिये लिखना । आपके हौसले का अभिनन्दन ।
एक बात कहना चाहती हूँ कि शब्द भले ही अंग्रेजी के हों लेकिन जब हम उन्हें हिन्दी के साथ प्रयोग में ला रहे हैं तब उनकी वर्तनी देवनागरी ही होनी चाहिये । आपने 'विहान' देखा । उम्मीद है देखती रहेंगी

Tamasha-E-Zindagi said...

बहुत सुन्दर कविता...बहुत भावुक |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Madhuresh said...

:) Sundar, cute si kavita hai ..

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

ओह, बहुत सुंदर
क्या बात

प्रवीण पाण्डेय said...

पढ़ लिख कर ही आयेगी।

Rajput said...

रात को जल्दी सुलाकर इसे
सुबह जगाना न जाना भूल।
मेरे संग उछलकूद करती
मेरी बहिना जाएगी स्कूल।
सुंदर रचना

kailash said...

nice one

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

वाह, जैसा सुंदर चित्र, वैसी ही सुंदर बाल-कविता...बधाई इस सुंदर रचना के लिए

अज़ीज़ जौनपुरी said...

सुंदर रचना

रचना दीक्षित said...

बहुत प्यारा बाल गीत.

Anita said...

सुंदर चित्र से सजी सराहनीय कृति..

Tanuj arora said...

bahut hi saral shbdon mein itni sundar rachna"meri behna jyegi school"

Anonymous said...

बहुत सुन्दर रचना

Unknown said...

बच्चों की एक प्यारी नोंक झोंक सी कविता!!

shyam gupta said...

---- भावपूर्ण बाल कविता तो है ही....
मम्मी देखो! पापा देखो!
बहिना मेरी रट लगाती है।
'मैं भी स्कूल चलूँगी भैय्या'
खींचकर बस्ता कहती है।।
----- और कोई तो कुछ कहेगा नहीं सब घिसी-पिटी ही कहते हैं.....

---- रट लगाती है व कहती है ... एक ही भाव हैं अतः पुनुरुक्ति दोष है ...
---- लगाती है व कहती है में तुक भंग भी है ..

Unknown said...

Nice poem.
vinnie,

Anonymous said...

वहुत बढ़िया,