समझदार धन-दौलत से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं - KAVITA RAWAT
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Thursday, December 11, 2014

समझदार धन-दौलत से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं

बैल  को  सींग और आदमी  को उसकी  जबान से  पकड़ा  जाता  है।
अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।

तूफान  के  समय की शपथें उसके थमने पर भुला दी जाती हैं।
वचन देकर नहीं मित्रता निभाने से कायम रखी जा सकती हैं।।

एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
वचन    और    पंख   को    अक्सर    हवा    उड़ा   ले   जाती   है।।

एक छोटा-सा उपहार बहुत बड़े वचन से बढ़कर होता है।
वचन    के  देश   में   मनुष्य   भूखा   मर   सकता   है।।

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।

दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।

   ....कविता रावत

21 comments:

RAJ said...

दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।
.....
सत्य वचन .....

दिगम्बर नासवा said...

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।...
हकीकत भरे चाँद हैं सभी ... हर बार मुंह से निकल गया ... "ये तू बिलकुल सच है "......

vijay said...

बैल को सींग और आदमी को उसकी जबान से पकड़ा जाता है।
अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।
...................... सटीक कहा गया है

VMW Team said...

बेहतरीन

उम्द्दा
यूँ हुआ है कुछ मौसम का असर देखिए
खिलखिलाता है हर सूखा हुआ शज़र देखिए

Arogya Bharti said...

एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
वचन और पंख को अक्सर हवा उड़ा ले जाती है।।

Harihar (विकेश कुमार बडोला) said...

सुन्‍दर लोकोक्ति।

Rajendra kumar said...

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (12.12.2014) को "क्या महिलाए सुरक्षित है !!!" (चर्चा अंक-1825)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर.

Meenakshi said...

लाजवाब लोकोक्ति ...........

Unknown said...

सुन्दर ...

Amrita Tanmay said...

बुझे तो अनमोल वचन...

Surya said...

अनुपम रचना ...

Unknown said...

सत्य वचन

Unknown said...

आज बहुत से लोग आंखों के रोग से ग्रस्त है और उनके रोगों को ठीक करने के उपाय बताने जा रहा है जैसे- जायफल को पीसकर दूध में मिलाकर सुबह-शाम आंखों पर लगाए इससे आंखों का रोग ठीक हो जाता है। इस प्रकार के और भी नुसखें पाने के लिए यहां पर Click करें। आच्छा लगे तो Share करें।
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Pratik Maheshwari said...

काव्य में सुन्दर विचारणीय विचार!

डॉ. मोनिका शर्मा said...

यथार्थ भाव लिए पंक्तियाँ

Himkar Shyam said...

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।
बहुत ख़ूब...सुंदर और सटीक

गिरधारी खंकरियाल said...

उत्कृष्ट वचन!!

Neeraj Rawat said...

Good to see a blog in Hindi.

Rashmi Swaroop said...

Ab hum koshish karenge samajhdaar bane rehne ki.. :)

Unknown said...

धन दौलत तेरी माल खजाने यही पड़ी रह जाएंगे