कोरोना काल और बच्चों की दुनिया - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Friday, June 5, 2020

कोरोना काल और बच्चों की दुनिया

कोरोना ने पूरी दुनिया में हाहाकर मचा रखी है। इस वैश्विक महामारी ने मानव अस्तित्व की चूलेँ हिला कर रख छोड़ी है।  इस महामारी ने अमीर-गरीब, वर्ण-रंग भेद जैसी परिपाटी की खाई पाट दी है। पूरी दुनिया में कोरोना के भय का वातावरण व्याप्त है।  महामारी से बचने के लिए कई माह से लोग लॉकडाउन के चलते अपने घरों में कैद हो रखे हैं।  भले ही अब चरमराती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकारें धीरे-धीरे लॉकडाउन खोल रहे हैं, लेकिन इसका आशय यह नहीं कि खतरा टल चुका है? अभी मंजिल दूर है, सरकारें अपना काम कर रही हैं, लोगों को भी निर्धारित गाइडलाइन का पालन कर इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी, तभी हम इस वैश्विक महामारी से निजात पा सकने में सफल होंगें। 
         कोरोना महामारी से हर मनुष्य को कुछ न कुछ सीख जरूर मिली है। इस काल में मनुष्य की जीवन शैली के साथ ही प्रकृति में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसी विषय पर मेरे बेटे ने बच्चों के लिए कुछ वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपने चैनल में अपलोड किए हैं, जिनके लिंक मैं यहाँ प्रस्तुत कर रही हूँ।  कृपया इस विषय में आपका क्या मत है, अपनी टीप के माध्यम से बच्चे को प्रोत्साहित करने में सहयोग करें। 





15 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

उपयोगी और विचारणीय पोस्ट।

Jyoti Dehliwal said...

बहुत बढ़िया।

Meena Bhardwaj said...

अभिनव प्रयोग । बहुत ही सुन्दर ।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

अब तो बिना किसी से कोई अपेक्षा किए खुद ही खुद को बचाने का उपक्रम करना है ! चाहे कुछ भी कहा-समझाया जाए, जहां से चले थे वहीं तो फिर आ खड़े हुए हैं

अनीता सैनी said...

वाह !बहुत सुंदर सराहनीय प्रयोग.
सादर

सुशील कुमार जोशी said...

वाह

विश्वमोहन said...

सुंदर!

hindiguru said...

बहुत बढ़िया

दिगम्बर नासवा said...

करोना या ऐसी कोई भी महामारी या वैश्विक परिवर्तन दूर तक के कुछ पाठ सिखा जाता है जीवन को प्रभावित करते रहते है जो लम्बे समय तक ...

Meena Bhardwaj said...

सादर नमस्कार,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार
(19-06-2020) को
"पल-पल रंग बदल रहा, चीन चल रहा चाल" (चर्चा अंक-3737)
पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है ।

"मीना भारद्वाज"

मन की वीणा said...

चिंतन परक सार्थक पोस्ट।

VenuS "ज़ोया" said...


वाह !बहुत सुंदर सराहनीय प्रयोग.
सादर

विकास नैनवाल 'अंजान' said...

सुन्दर लेख.... हमें अभी भी बचकर रहने की जरूरत है..बच्चों द्वारा सुंदर प्रयास किया गया है...

Satish Saxena said...

बहुत खूब

arun kumar said...

Sarkari Exam
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