सबको नाच नचाता पैसा
कविता रावत
अगस्त 02, 2009
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नाते रिश्ते सब हैं पीछे सबसे आगे है ये पैसा खूब हंसाता, खूब रूलाता सबको नाच नचाता पैसा! अपने इससे दूर हो जाते दूजे इसके पास आ जाते ...
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