वह राष्ट्रगान क्या समझेगा!
कविता रावत
जनवरी 25, 2011
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गौरेया कितनी भी ऊँची क्यों न उड़े गरुड़ तो नहीं बन जाएगी बिल्ली कितनी भी क्यों न उछले बाघ तो नहीं बन जाएगी! घोड़े में जितनी ताकत हो...
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