आवाजों को नजरअंदाज न करें - KAVITA RAWAT
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Friday, March 11, 2016

आवाजों को नजरअंदाज न करें

हमारे शरीर में नाक से लेकर घुटनों तक समय-समय पर कुछ आवाजें आती हैं। ये आवाजें शरीर का हाल बयां करती हैं। इन्हें नजरअंदाज न करें। इस बारे में प्रस्तुत है मासिक पत्रिका आरोग्य सम्पदा से संकलित उपयोगी जानकारी। 
1. खर्राटों की आवाज
सोते समय खर्राटे लेने की आवाज सांस लेते हुए  मुँह और गले के मुलायम टिश्यू के वाइब्रेट होने के कारण आती हैं। नैसेल स्प्रे से यह ठीक हो जाती है। आप अपने वजन को कम करके भी इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।
यदि खर्राटे की समस्या अधिक हो और सोते समय आपकी सांस फूलती हो या जगने के बाद आप पसीने से भीगे हुए होते हों तो तुरन्त डाॅक्टर से संपर्क करें। यह स्लीप एप्निया के लक्षण है। इस बीमारी में एयरफ्लो रूक जाता है और डाॅयबिटीज तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
2. घुटने और टखने की आवाज
घुटने और टखने से आवाज आना सामान्य बात है। यह जोड़ों के फ्लूइड शिफ्ट होते समय एयर बबल आने, नसों के जोड़ों पर चढ़ जाने अथवा जोड़ों के खिसकने के कारण होता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
        यदि घुटने और टखनों से चटकने के साथ ही दर्द भी होता हो तो डाॅक्टर से जरूर मिलें। इसके अलावा सूजन आना और जोड़ों का बहुत अधिक न खुलना भी परेशानी का संकेत है। यह मेनिस्कस (जोड़ों के पास की हड्डी का कुशन) के फटने व आस्टिमेंट आर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।
3. कान की आवाज
कान में झनझनाहट या घंटी बजने की आवाज भी हमेें अक्सर सुनाई देती है। यह बजती है और तुरन्त खत्म हो जाती है, इसे टिनीटस कहते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि कई बार दिमाग कुछ इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को शोर समझ लेता है।
यदि यह समस्या बार-बार और एक ही कान में होती है तो यह कान का इंफेक्शन हो सकता है। इसलिए डाॅक्टर से परामर्श जरूरी है। हालांकि अधिकांश मामलों में डाॅक्टर्स को इसकी कोई ठोस वजह नहीं मिलती है। इसलिए इस बीमारी का कोई ठोस इलाज भी नहीं है।
4. पेट की आवाज
पेट से गुड़गुड़ाने की आवाजें भूख लगने पर भी आती हैं और कई बार खाना खाते समय भी आती हैं। यह आंतों के मरोड़ के कारण होता है। यह डाइजेशन की ही प्रक्रिया है। यह समस्या कई लोगों के साथ होती है।
पेट से आवाज आना तो कुछ हद तक ठीक है, लेकिन यदि इन आवाजों का आना बढ़ जाए तो खतरा हो सकता है। साथ ही यदि आंतों में सूजन हो और आवाज के साथ दर्द भी हो तो तुरन्त डाॅक्टर से संपर्क करें। कई मामलों में आंतों के अधिक सिकुड़ने के कारण भी ऐसा होता है।
5. नाक की आवाज
कई बार नाक से हल्की सीटी बजने की आवाज आती है। यह नाक में स्पेस की कमी के कारण होता है। कम स्पेस में जब सांस लेते समय एयर पास होती है तो सीटी बजने की आवाज आती है। यह रात को अधिक परेशान करती है।
यदि नाक से आवाज आनी किसी इंजुरी के बाद शुरू हुई है तो तुरन्त डाॅक्टर से मिलें। इसके अलावा यदि यह आवाज लम्बे समय तक आती है तो भी डाॅक्टर से संपर्क करें। ऐसा नथुनों के कार्टीलेज में छेद होने के कारण भी होता है। इसे ठीक करने के लिए सर्जरी करानी पड़ती है।

25 comments:

Jyoti Dehliwal said...

उपयोगी जानकारी।

Anonymous said...

बढ़िया

शुभा said...

इतनी अच्छी जानकारी देने के लिए आभार ।

vijay said...

बहुत अच्छी जानकारी है .....

Unknown said...

स्वास्थ्य के प्रति आजकल के समय में जागरूकता जरुरी है ........बहुत अच्छी जानकारी

गिरधारी खंकरियाल said...

उपयोगी जानकारी ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (12-03-2016) को "आवाजों को नजरअंदाज न करें" (चर्चा अंक-2279) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Unknown said...

रोचक जानकारी.

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

बढ़िया जानकारी।



डॉ. मोनिका शर्मा said...

जानकारीपरक...

Surya said...

उपयोगी जानकारी ..

दिगम्बर नासवा said...

सभी बातें उपयोगी ... और समय रहते इन सभी को देख लेना चाहिए तो बिमारी आसानी से पकड़ी जाती है ....

रश्मि शर्मा said...

Upyogi jankari

जसवंत लोधी said...

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है ।
Seetamni. blogspot. in

अशोक सलूजा said...

jaankari saajha karne ka shukria ji ....

JEEWANTIPS said...

upyogi jaankari...
Mere blog ki new post par aapke vichro ka intzaar hai.

जमशेद आज़मी said...

तरह तरह की अवाजों के बारे में आपने जो आलेख लिखा है वह काबिले तारीफ है। आपका यह आलेख हम सभी के बहुत काम आएगा।

संजय भास्‍कर said...

उपयोगी जानकारी कविता जी

RD Prajapati said...

अच्छी जानकारी कविता जी
www.travelwithrd.com

Rashmi B said...

ज्ञानवर्धक !

Madhulika Patel said...

बहुत ही अच्छी जानकारी .होली की बहुत सारी शुभ कामनायें.

गिरधारी खंकरियाल said...

होली की शुभकामनायें।

सुमित सोनी said...

Plz visit on my blog ....

Sumitsoniraj.blogspot.com

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