अक्टूबर 2017 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017

प्यार की अजीब होती है दास्ताँ

अक्टूबर 13, 2017 15
कुछ हुई उनकी बात कुछ  हुई मुलाकात और वे प्यार समझ बैठे दिल देने की भूल कर  बैठे कहते सुनते आए से जिसे वे भी करने लगे प्यार बस इसी प...
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