
लक्ष्य की ओर बढ़ती हुई, इन राहों पर चलना है,
गिरना है, संभलना है, पर डगर को नहीं तजना है।
कदम रुकने न पाएँ हमारे, यही मन में ठाना है,
चाहे जो भी हो मंजर, हमें बस आगे बढ़ते जाना है।
खुशियाँ आएँ या गम का साया, पथ से न विचलित होंगे हम,
हार हो या जीत मिले, कभी न होंगे आँखें नम।
गिरकर फिर से उठ खड़े होना, यही तो असली साहस है,
मंजिल तक पहुँचना ही, अब जीवन का एकमात्र लक्ष्य है।
जीवन का यह प्रवाह निरंतर, अपनी गति से बहता है,
तुम किस ढंग से जीते हो इसे, यह तुम पर ही निर्भर रहता है।
पीछे मुड़कर देखना कैसा? बस आगे कदम बढ़ाते चलो,
भीतर की उस लौ को अपनी, कर्मों से सुलगाते चलो।
यह जीवन एक 'चक्र' सरीखा, अनादि काल से चलता है,
हार को अपनी शक्ति बनाकर, जो बढ़ता, वही संवरता है।
लक्ष्य भले हो मीलों दूर, अटूट अपना विश्वास रहे,
थककर हार न मानूँ कभी, बस जीत की मन में प्यास रहे।
गिरना-उठना, खोना-पाना, इस चक्र का ही हिस्सा है,
जब तक मंजिल मिल न जाए, चलता रहता यह किस्सा है।
यही मार्ग है, यही रहस्य है, यही जीवन का विस्तार है,
चलता रहे जो अविरल पथ पर, वही 'पोकेमॉन चक्र' का सार है।
....... अर्जित रावत
आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। सोच रही थी कि इस अवसर पर ब्लॉग में उसके लिए क्या लिखकर पोस्ट करूँ। इसी उधेड़बुन में अभी हाल ही में उसका अपने पोकेमॉन चक्र सीरियल पोकेमॉन चक्र सीरियल के लिए लिखा शीर्षक गीत याद आया तो सोचा क्यों न इसे ही पोस्ट कर दूँ। उसका लिखा मेरे मन को भाता है और जब वह अपने लिखे को गुनगुनाता भी है तो मन को और भी अच्छा लगता है। ख़ास बात यह है कि वह अपने लिखे में किसी को भी हस्तक्षेप करने नहीं देता।

18 टिप्पणियां:
"आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। सोच रही थी कि इस अवसर पर ब्लॉग में उसके लिए क्या लिखकर पोस्ट करूँ।"
तो मेरी ओर से भी बधाई पोस्ट है😊😃😊
बहुत बहुत बधाई 💐❤💐🌟🍁🌺👌😊🙏💐❤
आदरणीया वर्षा सिंह जी!
आपके बेटो को शुभाशीष और आपको बधाई हो।
बहुत सुन्दर।
आदरणीया कविता रावत जी!
आपके पुत्र को शुभाशीष और आपको बधाई हो।
😁
अर्जित को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।
अच्छा लिखा है
सकारात्मक सोच गजब की।
नई पोस्ट आत्मनिर्भर
अर्जित को जनम दिन की हार्दिक बधाई ...
बहुत सुन्दर और प्रेरित करता है गीत ... आगे बढ़ना ही जीवन है नहीं तो इंसान छूट जाता है समय निकल जाता है ...
जीवन भी बिल्कुल ऐसा है
चलता वो जाता है, चाहे तुम कैसे भी
उसे जीयो तुम, ये पता होना चाहिए
कि क्या तुम कर रहे हो...वाह... बेटे ने भी पोकेमॉन चक्र को लेकर बहुत अच्छा लिखा है कविता जी
सादर नमस्कार ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (22-9 -2020 ) को "काँधे पर हल धरे किसान"(चर्चा अंक-3832) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
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कामिनी सिन्हा
हार मत माने तुम
आगे ही बढ़ो तुम
क्योंकि तुम्हें है अपने लक्ष्य को पाना
तुम्हारा लक्ष्य तुमसे कितना ही दूर हो
कभी तुम हार मत मानना....
वाह कविता जी, वाह !!!
रचना के माध्यम से बहुत सुंदर संदेश !!!
प्रिय अर्जित को उसके शुभ जन्मदिवस पर अनेकानेक शुभकामनाएं एवं ढेरों आशीष !!!
सुन्दर रचना. अर्जित को जन्मदिन की बधाई
आपके पुत्र को आशीष कविता जी तथा इतनी अच्छी कविता के लिए आपका अभिनंदन ।
अर्जित को जनम दिन की हार्दिक बधाई ...
बहुत सुन्दर रचना।
HAPPY BIRTHDAY TO ARJIT BELATED.
बेहतरीन! इससे खूबसूरत और क्या हो सकता था?
ढेरों आशीष के साथ, बेटे को बहुत सारा स्नेह। आपकी नवीन रचना की बाट देखते हैं।
शुभाशीष बेटे को , आपका नाम रोशन करे !
आदरणीया कविता जी बहुत सुंदर रचना,आगे बढ़ना ही जीवन का परिवर्तन है,बेटे को जन्मदिन पर बहुत सारी शुभकामनाएँ आशीर्वाद और स्नेह ईश्वर उन्हें हमेशा ख़ुश रखे ।
बहुत सुन्दर रचना. बेटे को बहुत आशीष.
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