व्रतों और मौसम के बीच सन्तुलन - KAVITA RAWAT
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Saturday, November 7, 2020

व्रतों और मौसम के बीच सन्तुलन

 सभी धर्मावलम्बी, किसी न किसी रूप में वर्ष में कभी न कभी उपवास अवश्य रखते हैं। इससे भले ही उनकी जीवनी-शक्ति का जागरण न होता होगा किन्तु धार्मिक विश्वास के साथ वैज्ञानिक आधार पर विचार कर हम कह सकते हैं कि इससे लाभ ही मिलता है। उपवास का वास्तविक एवं आध्यात्मिक अभिप्राय भगवान की निकटता प्राप्त कर जीवन में रोग और थकावट का अंत कर अंग-प्रत्यंग में नया उत्साह भर मन की शिथिलता और कमजोरी को दूर करना होता है ...................



5 comments:

शिवम् कुमार पाण्डेय said...

बिल्कुल सही कहा आपने।
बहुत बढ़िया।

Dr Varsha Singh said...

यथार्थपरक आलेख
साधुवाद 🙏

सस्नेह,
डॉ. वर्षा सिंह

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (08-11-2020) को    "अहोई अष्टमी की शुभकामनाएँ!"  (चर्चा अंक- 3879)        पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
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Jyoti Dehliwal said...

विचारणीय आलेख।

Meena Bhardwaj said...

बहुत सुन्दर और तथ्यपरक लेख.