अबकी बार होली में कोरोना ने है पकड़ा - KAVITA RAWAT
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Monday, March 29, 2021

अबकी बार होली में कोरोना ने है पकड़ा

अबकी बार होली में  कोरोना ने है पकड़ा

चुराकर सब रंग मेरे अपने रंग में है जकड़ा
गले में ठूसी जा रही हैं रंग बिरंगी गोलियां
मुंह बांधे उड़ी रंगत में आ जा रही टोलियां
तन पर नर्सें कर रही इंजेक्शनी फुहार
हॉस्पिटल में हर तरफ है कोरोना बहार
जो मिले  खाना ठूसे तो पेट होता भारी
फिर मत पूछो कब कहां चले पिचकारी   
मन बड़ा उदास होता जब शाम ढलती है
अकेले में अपनों की दूरी बहुत खलती है

8 comments:

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

बहुत ही कष्टकारी समय ! पर यही आशा और विश्वास है कि कुछ भी चिरस्थाई नहीं रहता !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर और उपयोगी प्रस्तुति।
रंग भरी होली की शुभकामनाएँ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

अरे , ... ये कब हुआ ?
जल्दी स्वस्थ हों ... खूब ध्यान रखें .

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

Vocal Baba said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप शीघ्र अति शीघ्र स्वस्थ हो जाये

varsha said...

उम्मीद हे अब सब बेहतर है। कुछ नया सा लिखा है इस डराने ऊबाने वाले कोरोना पर आपने।

Rashmi B said...

isvaar aap ki raksha karen.

अरविंद said...

उम्मीद है कि अब आपका स्वास्थ्य बेहतर हो गया होगा.. नवरात्रि व् भारतीय नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं