असहाय वेदना - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Monday, December 7, 2015

15 comments:

Anonymous said...

बधाई

yashoda Agrawal said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" मंगलवार 08 दिसम्बर 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

Pammi singh'tripti' said...

सुंंदर

Manoj Kumar said...

बधाई

मुकेश कुमार सिन्हा said...

बधाई कविता जी ......

Yogi Saraswat said...

सुन्दर शब्द को उचित स्थान और सम्मान प्राप्त होता है तो ख़ुशी होती है ! बधाई आपको कविता जी

वन्दना अवस्थी दुबे said...

waah.... badhaaiyan

vijay said...

बहुत सुन्दर .........हार्दिक बधाई!

Asha Joglekar said...

मन को बींध गयी ये कविता।

Unknown said...

गहरी संवेदना ......सुन्दर रचना

Dr (Miss) Sharad Singh said...

गहन सम्वेदनायुक्त सुन्दर रचना ...बधाई कविता जी !

सदा said...

Waaaah bht bht badhaiii

Hari Shanker Rarhi said...

sensitive poem. Thanks for visiting my blog.

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' said...

सुन्दर कविता...प्रकाशन के लिए बधाई....

Udan Tashtari said...

बधाई!!