न्याय का इंतज़ार कर रहे गैस पीड़ित - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

न्याय का इंतज़ार कर रहे गैस पीड़ित



16 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (11.12.2015) को " लक्ष्य ही जीवन का प्राण है" (चर्चा -2187) पर लिंक की गयी है कृपया पधारे। वहाँ आपका स्वागत है, सादर धन्यबाद।

    जवाब देंहटाएं
  2. बधाई - गैस पीड़ितों को न्याय मिले

    जवाब देंहटाएं
  3. यही हमारे समाज की त्रासदी है कि न्याय का इंतज़ार करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते...

    जवाब देंहटाएं
  4. गंभीर चिंतन आलेख .....बिडम्बना है ...

    जवाब देंहटाएं
  5. सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब होता है और उसको देखने सुनने वाला ऊपर वाला है .......जब सुन ले उनकी .................

    जवाब देंहटाएं
  6. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (11.12.2015) को " लक्ष्य ही जीवन का प्राण है" (चर्चा -2187) पर लिंक की गयी है कृपया पधारे। वहाँ आपका स्वागत है, सादर धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं
  7. न्‍याय दिलाने का काम तो जिम्‍मेदार और जवाबदेह सरकारों का होता है। पर अफसोस अपने देश में जिम्‍मेदारी और जवाबदेही का घोर आभाव है। आशा है कि न्‍यायपालिका ही गैस पीडि़तों के लिए कुछ राहत देने का काम करेगी।

    जवाब देंहटाएं
  8. सुन्दर व सार्थक रचना ..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका स्वागत है...

    जवाब देंहटाएं
  9. सार्थक लेखन ,,,,,,,,,,,,,,,,,
    बधाई !

    जवाब देंहटाएं
  10. सुंदर, सार्थक लेखन। तीस साल बाद भी गैस पीड़ित बस्तियों में हालात नहीं सुधरे, उस पर न्याय में देरी। लोग नारकीए जीवन जी रहे हैं। इन्हें समाज से मुख्यधारा में जोड़ने का प्रभावी प्रयास तक नहीं किया गया।

    जवाब देंहटाएं
  11. सुंदर, सार्थक लेखन। तीस साल बाद भी गैस पीड़ित बस्तियों में हालात नहीं सुधरे, उस पर न्याय में देरी। लोग नारकीए जीवन जी रहे हैं। इन्हें समाज से मुख्यधारा में जोड़ने का प्रभावी प्रयास तक नहीं किया गया।

    जवाब देंहटाएं
  12. बहुत सटीक लेख। आप की लेखनी से मै बहुत प्राभावित हूँ ।

    जवाब देंहटाएं
  13. जाने कब न्याय मिलेगा ? इस दुर्भग्यपूर्ण घटना को लेकर भी राजनीती ही हुयी , जो बेहद दुखद है

    जवाब देंहटाएं
  14. बधाई आपको और आपकी खूबसूरत कलम को

    जवाब देंहटाएं
  15. सार्थक एवं चिंतनपरक आलेख...

    जवाब देंहटाएं