भाई-बहिन का प्यारा बंधन रक्षाबंधन - KAVITA RAWAT
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Sunday, August 6, 2017

भाई-बहिन का प्यारा बंधन रक्षाबंधन

रिमझिम सावनी फुहार-संग
पावन पर्व रक्षाबंधन आया है
घर-संसार खोई बहिना को
मायके वालों ने बुलाया है

मन में सबसे मिलने की उमंग
धमा-चैकड़ी मचाने का मन है
पता है जहाँ सुकूं भरी जिंदगी
वह बचपन का घर-आंगन है

याद है छोटी-छोटी बातों पर मुंह फुलाना
कभी हंसते-गाते, खुशी-खुशी स्कूल जाना
कभी मां के हाथों से खेल-खेल में खाना
कभी झूठ-मूठ कभी थपकी लेकर सोना

खूब याद वो नन्हा घर-संसार अपना
जहाँ खेलते-कूदते लड़-झगड़ बैठते थे
पर ज्यों ही बड़ों की डांट पड़ती तो
फट से फिर एक हो जाया करते थे

जहाँ मन में भला-बुरा न अपना-पराया
वही बचपन जीने का ख्याल आया है
भाई-बहिन का प्यारा बंधन रक्षाबंधन
बचपन के दिन अपने साथ लाया है।                               ...कविता रावत



10 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (07-08-2017) को "निश्छल पावन प्यार" (चर्चा अंक 2698 पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
बाई-बहन के पावन प्रेम के प्रतीक रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Unknown said...

भाई-बहिन का प्यारा बंधन रक्षाबंधन
सुन्दर रचना

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

जीवन पथ पर परिस्थितिवश बिछुड़ गए भाई-बहनों को मिलाने के लिए ही शायद राखी और दूज के त्यौहार बनाए गए थे

सुशील कुमार जोशी said...

शुभकामनाएं।

Hindikunj said...

बहुत सुन्दर कविता , रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाओं सहित .
हिन्दीकुंज,हिंदी वेबसाइट/लिटरेरी वेब पत्रिका

HindIndia said...

बहुत ही बेहतरीन article लिखा है आपने। Share करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। :) :)

संजय भास्‍कर said...

आपसी सम्बन्धों का बस बन्धन होता है मन का मन से !

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर कविता.

दिगम्बर नासवा said...

एक ऐसा त्यौहार जो जो अपने बचपन, अपने घर परिवार से पुनः मिलाता है ... उन यादों से मिलवाता है जो दिल को सुकून देती हैं ... इस प्रेम की कोई मिसाल नहीं है ...

Gyani Pandit said...

रक्षाबंधन तो एक बहाना होता हैं हर लड़की को अपने मायके जाने का मायका क्या होता हैं यह सिर्फ़ ससुराल गयी हुईं लड़की ही बता सकती हैं, मायका बचपन की यादोँ में खो जाने की जगह, जहा प्यार से हमारे सारी जीद पूरी की जाती हैं,बहुत ही सुंदर प्रस्तुति.