बांध कलाई में राखी बहिना अपना प्यार जताती है - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Friday, August 4, 2017

बांध कलाई में राखी बहिना अपना प्यार जताती है

बहिन विवाहित होकर अपना
अलग घर-संसार बसाती है।
पति-बच्चे, पारिवारिक दायित्व
दुनियादारी में उलझ जाती है।।
सतत स्नेह, प्रेम व प्यार की
निर्बाध आकांक्षा मन में वह रखती है।
पर विवशताएं चाहते हुए भी
उसके अंतर्मन को कुण्ठित करती है।।
रक्षाबंधन-भैया दूज पर बहिन-भैया
मिलन के दो पावन प्रसंग आते हैं।
बहिन के लिए जो अद्भुत, अमूल्य,
अनंत प्यार को सन्देश लाते हैं।।
रक्षा पर्व पर बीते दिनों की आप बीती
बताने का सुगम सुयोग बनता है।
जहाँ बहिन-भैया को एक-दूजे का
सुख-दुःख बांटने का अवसर मिलता है।।
महीनों पहले से बहिन इस
पावन पर्व की प्रतीक्षा करती है।
बांध कलाई में राखी बहिना
अपना प्यार जताती है।।

10 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (05-08-2017) को "लड़ाई अभिमान की" (चर्चा अंक 2687) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत सुंदर, भाई बहन के पवित्र प्रेम की खुशबू से महकती आपकी रचना।

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  3. माँ के बाद सबसे अहम और पवित्र रिश्ता

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  4. भाई-बहिन की एक डोर प्यार की जो ताउम्र बाँधी रखती है एक दूसरे को
    बहुत बहुत सुन्दर

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  5. बहुत सुन्दर..
    अपने दुख सुख बताने कासुअवसर है यह दिन
    लाजवाब....

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  6. भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अटूट बंधन का हैं ये दिन। बहुत सुंदर प्रस्तूती।

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  7. शादी के बाद ये अवसर भी अक्सर कहाँ मिल पाता है .
    लेकिन फिर भी भाई बहिन का जीवन पर्यन्त स्नेह का नाता है

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  8. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन जन्म दिवस : किशोर कुमार और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  9. दिनांक 06/08/2017 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी इस चर्चा में सादर आमंत्रित हैं...
    आप की प्रतीक्षा रहेगी...

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  10. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है https://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/08/29.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

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