भेड़ाघाट (जबलपुर) नौका विहार Bhedaghat Nauka Vihar - KAVITA RAWAT
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Friday, April 27, 2018

भेड़ाघाट (जबलपुर) नौका विहार Bhedaghat Nauka Vihar


ठण्ड अथवा बरसात के मौसम की अपेक्षा गर्मियों में सबसे ज्यादा शादी-ब्याह होते हैं। शादी-ब्याह अगर घर के आस-पास हो तो रात को घूमते-घामते एक के बाद एक शामिल होने में ज्यादा कष्ट की अनुभूति नहीं होती। लेकिन अगर शादी दूर किसी रिश्तेदार के घर हो, तो सौ बार सोचना पड़ता है। बावजूद इसके जब हमें जबलपुर रहने वाले एक निकट संबंधी का विवाह निमंत्रण पत्र मिला तो हमने फौरन गर्मी से हाल-बेहाल होते मन की सुनते हुए शादी में सम्मिलित होने एवं भेड़ाघाट में नौका-विहार का आनन्द उठाने का कार्यक्रम निश्चित कर लिया। गर्मियों में नौका-विहार करना अत्यन्त आनन्दप्रद होता है। नर्मदा का शान्त और शीतल वातावरण मन में अपूर्व आल्हाद उत्पन्न करता है। ऊंची-नीची विभिन्न रंग वाली संगमरमरी चट्टानों के अनोखे सौंदर्य में जब नौका मंथर गति से आगे बढ़ती है और उसमें सवार सभी ‘नर्मदा मैया की जै‘ का उद्घोष करते रहते हैं तो थका-हरा मन तरंगित होकर तरोताजगी से भर उठता है। भेड़ाघाट में धुआंधार जल प्रपात के बाद जब नौका-विहार को निकले तो नौका-विहार को मोबाईल में कैद कर लिया, जिसे यू-ट्यूब में पोस्ट किया तो सोचा ब्लाॅग में भी पोस्ट करती चलूँ।



15 comments:

Unknown said...

गर्मियों में पानी देखकर ही दिल खुश हो जाता है। मस्त पोस्ट है

शिवम् मिश्रा said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, जज साहब के बुरे हाल “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

सुशील कुमार जोशी said...

सुन्दर

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (29-04-2017) को "कर्तव्य और अधिकार" (चर्चा अंक-2955) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

गिरधारी खंकरियाल said...

नर्मदा का पानी तो साफ दिखाई दिया किन्तु गंदगी भी बहती दृष्टिगोचर हो रही थी। दोनो ओर से चट्टानो से घिरे होने के कारण बाढ़ का खतरा कम होता होगा। बहुत सन्दर।

Rohitas Ghorela said...

nice विडियो
मनोरम दृश्य.

आभार.

स्वागत है गम कहाँ जाने वाले थे रायगाँ मेरे (ग़जल 3)

Jyoti Dehliwal said...

धुंआधार जलप्रपात का सौंदर्य तो देखते ही बनता है। आपने पुरानी यादें ताजा कर दी।

Sudha Devrani said...

आपके साथ हमने भी नौकाविहार का आनन्द ले लिया....सधन्यवाद कविता जी बहुत सुन्दर लेख...

RAKESH KUMAR SRIVASTAVA 'RAHI' said...

आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है https://rakeshkirachanay.blogspot.in/2018/04/67.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

Ritu asooja rishikesh said...

बहुत ख़ूब

Gyani Pandit said...

गर्मियों की छुट्टियों का मजा लेने के लिए यह जगह एकदम सही हैं. बहुत सुंदर लेख

दिगम्बर नासवा said...

भेडाघाट के सुन्दर मनोरम दृश्य को कैद किया है आपने ...
छुट्टियों का आनद ...

संजय भास्‍कर said...

नौकाविहार का आनन्द लिया जा रहा है बहुत सूंदर ....सैर के साथ सुन्दर आलेख लिखा है आपने कविता दीदी

pexejurer said...

Such a great blog is very difficult to get. knife hit mod apk pubg mod apk soul knight mod apk

Rahul Singh said...

आपका ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा,आपकी रचना बहुत अच्छी हैं।