सर्दी में सबको प्यारी लगती धूप - KAVITA RAWAT
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Saturday, January 30, 2021

सर्दी में सबको प्यारी लगती धूप


सर्दी में सबको प्यारी लगती  धूप

          देखो बिल्ली मौसी क्या पसरी खूब! 

धूप में छिपा है इसकी सेहत का राज 

        बड़े मजे में है मत जाना उसके पास

बिना धूप ठण्ड के मारे सभी थरथर्राते    

          मिलती जैसे ही धूप तो फूले न समाते 

नरम धूप लेकर सूरज उगा लोग सुगबुगाते  

         छोड़ कम्बल-रजाई धूप सेंकने चले आते 

सुबह की धूप ठंड में सबको खूब है भाती 

         सीख समभाव का देकर सबके मन लुभाती 

...कविता रावत  

24 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (31-01-2021) को   "कंकड़ देते कष्ट"    (चर्चा अंक- 3963)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-    
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन  में" आज शनिवार 30 जनवरी 2021 को साझा की गई है.........  "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. कविता जी, आपकी यह कविता केवल बालकों के लिए ही नहीं है; सभी के लिए है । निस्संदेह प्रशंसनीय । और साथ दिया गया धूप सेंकती बिल्ली का चित्र भी आंखों को भाने वाला है ।

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  4. जय मां हाटेशवरी.......

    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    31/01/2021 रविवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में. .....
    सादर आमंत्रित है......


    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    https://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

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  5. सर्दी की गुनगुनी धूप-सी मीठी कविता!

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  6. गुनगुनाती धूप हर किसी को प्यारी लगती है। सुंदर रचना।

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  7. बहुत प्यारी ,सर्दी में धूप सी चमकती मन मोहती बाल कविता..

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  8. सुन्दर प्रस्तुति

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  9. गुनगुनी धुप का अपना ही मज़ा है। पर अब दूसरों को मजे लेते देख इसके तेवर भी तीखे होने लगे हैं

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  10. सर्दी में सबको प्यारी लगती धूप-------अच्छी रचना, बधाई आपको।

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  11. बहुत प्यारा सा बालगीत...
    साधुवाद !

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  12. वाह
    बहुत सुंदर

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  13. गुनगुनी धूप-सी मीठी कविता...सुंदर सृजन

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  14. गुनगुनाती धूप सर्दियों की ... बहुत सुन्दर रचना बाल रचना की तरह ...

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  15. सुन्दर रचना , शीत में धूप बहुत सुहानी

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