ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें - KAVITA RAWAT
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Thursday, November 4, 2010

ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें

अँधियारा मिटाने आया दीपपर्व
आओ मिलकर पूजा थाल सजायें
फैले उजियारा हर घर आँगन
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली
मुरझाये चेहरों पर खुशियाँ लायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

ऊँच-नीच, जात-पात खाई पाटकर
सदभाव, समभाव प्रकाश फैलायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

न हो कोई अपने घर में बेघर
बड़े-बुजुर्गों से न रहे कोई बेखबर
रखे ख्याल कोई दिल न दु:खायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

कर अहंकार, प्रपंच, स्वार्थ दमन
फिर रामराज सा करें नव-सृजन
मिटा अनाचार,भ्रष्टता, निकृष्टता
सर्वहित संकल्प दीपोत्सव मनायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

सबको दीपपर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ
                        ..कविता रावत

49 comments:

संजय भास्‍कर said...

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ...

Anonymous said...

उंच-नीच की खाई पाटकर
जात-पात का बंधन मिटाकर
सदभाव संभव प्रकाश फैलाएं ..
वाह ..
बहुत अच्छा सन्देश देती शुभकामना...
आपको और आपके परिवार को दिवाली की शुभकामनाएं ....
मेरे ब्लॉग पर इस बार संगीता जी की रचना..
सुनहरी यादें :-३ ...

Unknown said...

दिपावली की हार्दिक शुभकामना !

Shah Nawaz said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं!!!

मुकेश कुमार सिन्हा said...

deepawali ki jagmag karti hui subhkamnayen.......:)

nilesh mathur said...

सुन्दर!
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामना!

उपेन्द्र नाथ said...

दीपावली पर बेहतरीन तरीके से सजी हुई पोस्ट.....दीपावली के शुभ अवसर पर आपको भी सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें

Kailash Sharma said...

Bahut sundar bhavnayen ...aap ko saparivar Deepawali ki haardik shubh kaamnayen..

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

आपको और आपके परिवार को दीपावली की ढेरों शुभकामनायें !

Satish Saxena said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें कविता जी !!

अनामिका की सदायें ...... said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये.

Saleem Khan said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

राजेश उत्‍साही said...
This comment has been removed by the author.
राजेश उत्‍साही said...

मोती सा त्यौहार दिवाली
ज्योति का त्यौहार दिवाली

दीप जलें ,जगमग जगमग
रोशन हर घर में खुशहाली

यही कामना सच हों सपने
रहे न कोई पुलाव ख्याली

चकाचौंध में, भूल न जाना
कुछ रातें हैं, अब भी काली

खाएं छककर आप मिठाई
याद करें, उत्साही भोपाली
0राजेश उत्साही

sheetal said...

Aapko Deepavali ki hardik subhkamnai.

सम्वेदना के स्वर said...

कविता जी...आपको भी इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ!मिटे दुःखों का अंधेरा औरफैले खुशियों की उजियाली!! शुभ दीपावली!!!

राज भाटिय़ा said...

आपको को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर सन्देश देती रचना साझा की..... आभार ..... दिवाली की शुभकामनायें आपको भी

राम त्यागी said...

पूरे परिवार को मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें इस पावन पर्व की !

धन्यवाद !

राम त्यागी

केवल राम said...

कविता जी
इस रचना के माध्यम से आपने सुंदर सन्देश देने का प्रयास किया है ,
दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें .

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर सार्थक सन्देश देती रचना के लिये बधाई। आपको व परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

सामाजिक सरोकार को उजागर करती एक प्रेरक कविता!!दीवाली की शुभकामनाएँ!!

शूरवीर रावत said...

भावपूर्ण कविता........... रामराज की कल्पना अच्छी है........ काश! ऐसा हो पाता.

Chaitanyaa Sharma said...

आपको भी दीपवाली की हार्दिक शुभकानाएं.....सादर

हास्यफुहार said...

आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को दीपावली पर्व की ढेरों मंगलकामनाएँ!

अजय कुमार said...

प्रदूषण मुक्त दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

Vardhmaan said...

deepostav par achhi kalpana,
leking kya sirf kalpana aur meethe shabd hi kaafi hai sansar ko sundar banane ke liye ya hume kuch aur bhi karna chahiye es aarthik aur jaatiwaad ko mitane ke liye jiske aaj khud hum bhi bhaagidar hai ?????

Deepawali ki shubhkamnao sahit

Prabhat

BrijmohanShrivastava said...

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ

Kunwar Kusumesh said...

यश वैभव सम्मान में,करे निरंतर वृद्धि.
दीवाली का पर्व ये,लाये सुख - समृद्धि.
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

VIJAY PAL KURDIYA said...

हवाओ के हाथ अरमान भेजा हे ,
नेटवर्क के जरिये पैगाम भेजा हे ,
फुर्सत मिले तो कबूल करना ,
रियासत -ऐ - छोटी - खाटू के शहजादे ने दीपावली का सलाम भेजा हे .

मनोज कुमार said...

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

शेफाली पाण्डे said...

आपको व आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें. .....

वन्दना अवस्थी दुबे said...

दीपावली की असीम-अनन्त शुभकामनायें.

विजय मधुर said...

aapne deepawaii kee badhaaee ke sath sath jo sandesh diye hain ... we bahut hee mahtwpoorn hain.... दीप जलें/हर घर में/सितारों सी/ जगमगाए धरती
मिले अनुकम्पा/माँ लक्ष्मी की/ पूर्ण हो मुरादें/ हम सबकी |

rajesh singh kshatri said...

दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ... ...

Urmi said...

आपको और आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें !

पूनम श्रीवास्तव said...

kavita ji bahut hi sundar v prabhav-shali prastuti.
aapki kavita bhai chaare ke sndesh ke saath
bahut kuchh kahti hai.
उंच-नीच की खाई पाटकर
जात-पात का बंधन मिटाकर
सदभाव संभव प्रकाश फैलाएं
bahut hi umda
poonam

प्रेम सरोवर said...

Aap jahan bhi rahen abad rahen,
vaibhav sukh- shanti sath rahe,
Punit hriday se kahata hun,
Jag ki khushiyan pas rahen.
Special thanks for emotionalpost on your blog

हरकीरत ' हीर' said...

कविता जी ,
पढने में .. काफी मशक्कत करनी पड़ी पर आखिर कामयाबी मिल ही गई ....
तो चलिए मिल कर दीप जलाएं ....
शुभकामनाएं .....

दिगम्बर नासवा said...

न हो कोई अपने घर में बेघर
बड़े-बुजुर्गों से न रहे कोई बेखबर
रखे ख्याल कोई दिल न दु:खायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें ...

बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना है ... दीपों के त्यौहार की बहुत बहुत मंगल कामनाएं ....

उस्ताद जी said...

5/10

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली ...
...ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

सुन्दर सन्देश देती भावपूर्ण कविता

Unknown said...

कर अहंकार, प्रपंच, स्वार्थ दमन
फिर रामराज सा करें नव-सृजन
मिटा अनाचार,भ्रष्टता, निकृष्टता
सर्वहित संकल्प दीपोत्सव मनायें

ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!
....सुन्दर सन्देश देती भावपूर्ण कविता ...शुभकामनाएं .....

Unknown said...

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली
मुरझाये चेहरों पर खुशियाँ लायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!
..बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना है ... दीपों के त्यौहार की बहुत बहुत मंगल कामनाएं ..

सदा said...

बहुत ही सुन्‍दर शब्‍द रचना ...भावमय प्रस्‍तु‍ति
प्रकाश पर्व की शुभकामनायें ।

शिक्षामित्र said...

कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैंने आपका संदेश देर से पढ़ा क्योंकि जिन मूल्यों की बात आपने की है,वे शाश्वत हैं।

नीरज गोस्वामी said...

दीपावली पर इस जगमग करते दीप सरीखे गीत के लिए बधाई....

नीरज

amit chauhan said...

वाह कविता जी क्या लिखती है आप, हम तो आपकी कविता को देखते ही रह गए |
एक बात बताये , मेरी बात का बुरा नहीं मानना , आपका प्रोफ़ेस्सिओनल क्या है |
क्या आप कवि है ||||||||
खैर जो भी हो मगर लिख्तेव बहुत अच्छे हो |||||
कोई कविता अपने उत्तराखंड पर भी लिखा करो हमे अच्छा लगेगा ||||||



आपका दोस्त
चौहान .................

amit chauhan said...

और आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक सुभकामनाएँ

love said...

nice blog mam...........