दीवाली आई रे, रात सुहानी रे दीपों से सजी है धरती रानी रे।
कविता रावत
अक्टूबर 20, 2025
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दीवाली आई रे, रात सुहानी रे दीपों से सजी है धरती रानी रे। अमावस की रात में जोत जली, हर घर में आई उजियारी रे। दीवाली आई रे, रात सुहानी रे... ...
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