कविता तेरे प्यार में ........ - KAVITA RAWAT
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Friday, November 29, 2013

कविता तेरे प्यार में ........

गया दिल अपना पास तेरे जिस दिन तूने मुझे अपना माना है
आया दिल तेरा पास अपने जिस दिन मैंने प्यार को जाना है।
दिल न वश में अब मन भी भागा जाये रे!
कविता तेरे प्यार में हाले दिल बेहाल रे।।

पहले सोचा न था कभी मुझे इतनी खुशी मिल सकेगी
होकर कल्पना साकार मेरी एक प्यारभरी कविता बनेगी
तेरे प्यार भरे खत से दिल होता निहाल रे।
कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे।।

जब दिन ढ़लता शाम होती तब मन होने लगता उदास
पागल दिल ढूंढ़ता-फिरता तू छुपी यहीं-कहीं पास
होता भान दूरी का दिल में उठता तूफान रे
कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे।।

तेरी प्यार भरी बातें मुझे सुखद अहसास कराती हैं
आंख मूंद लो तो लगे ऐसे जैसे तू पास बुलाती है
अब तो व्याकुल मन तेरी रटन लगाये रे
कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे।।

अब तो रात क्या दिन में भी तेरे प्यार के सपने बुनता हूं
और कुछ सूझता नहीं अब तो तेरे प्यार में डूबा रहता हूं।
है तमन्ना प्यार यूं ही सदा बढ़ता जाये रे
कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे।।
..................................................................................................................................

शादी के 18  वर्ष पहले ऐसे ही प्यार में जाने क्या-क्या लिखते-पढ़ते। तब उनकी चिट्ठी मिलती तो ख़ुशी से मैं उसे सहेज कर उसे कविता में बदल कर रख देती। तब न इंटरनेट था न टेलीफ़ोन। एसटीडी से कभी-कभार बात हो जाती।  अब तो बच्चों और ऑफिस की भागदौड़ में हाले-दिल मत पूछो! ३० नवंबर के दिन की यादों की ताजगी आप लोगों के साथ बाँट रही हूँ। जानती हूँ ऐसे प्यार भरे पल सबके जीवन में कभी न कभी आते हैं, इस पर आपकी टीप चाहूंगी।

     ..कविता रावत   

38 comments:

Harihar (विकेश कुमार बडोला) said...

प्‍यार-दुलार यूं ही बना रहे आनेवाले कितने ही १८ सालों तक, ऐसी शुभकामनाएं हैं।

आशीष अवस्थी said...

बहुत सुंदर व स्वक्ष कृति , धन्यवाद
॥ जै श्री हरि: ॥

Rajeev Kumar Jha said...

बहुत सुन्दर रचना.
नई पोस्ट : कावड़ : लोकमन का उत्कृष्ट शिल्प

Rajeev Kumar Jha said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (30-11-2013) "सहमा-सहमा हर इक चेहरा" “चर्चामंच : चर्चा अंक - 1447” पर होगी.
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
सादर...!

ओंकारनाथ मिश्र said...

प्यार से भरी पंक्तियाँ . यह यात्रा यूँ ही चलती रहे. बहुत बहुत शुभकामनाएं.

अशोक सलूजा said...

बधाई और शुभकामनायें!....
खुश रहें!

Maheshwari kaneri said...

शुभकामनायें!....बहुत बहुत बधाई

SANJAY TRIPATHI said...

बह्त-बहुत बधाई कविताजी!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें कविताजी....!
==============================
नई पोस्ट-: चुनाव आया...

Neeraj Neer said...

वाह सुन्दर गीत लिखा है आपने ..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

Ek vyaktigat anubhav ko saajha karna is rachna ke maadhyam se waisa hi hai jaise phool ki khushboo bikhar rahi ho fiza me!!

Satish Saxena said...

बहुत सुंदर . .

Unknown said...

Very nice!
Hapy Anniversary!

PS said...

बहुत सुन्दर
वर्षगांठ की शुभकामना!!!

अनुपमा पाठक said...

भावों का ताना बाना बुनती रहे ज़िन्दगी यूँ ही हमेशा!
Wish you both bliss of togetherness forever!!!!

गिरधारी खंकरियाल said...

बधाई स्वीकार कीजिये। पत्र यात्रा इसी तरह शतक बनाये ऐसी कामना है।

Ranjana verma said...

सालगिरह की बहुत बहुत बधाई !!

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

जीवन हज़ार रंग बदलता है

Asha Lata Saxena said...

सालगिरह पर हार्दिक बधाई |
भावपूर्ण प्यारी सी रचना |
आशा

Kailash Sharma said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!

Rajput said...

कविता जी , हार्दिक बधाई और शुभकामनायें। जीवन यूंही खुशियों के गीत(कविता) गाता रहे

RAJ said...

शादी के पहले प्यार में हाले-दिल बेहाल
शादी के बाद बच्चों के साथ निहाल
बहुत भली लगी कविता की यह प्यारी कविता
लगता है जैसे बह रही हो कोई प्यार की सरिता

Surya said...

ख़त मैंने तेरे नाम लिखा हाले-दिल तमाम लिखा जब न माना दिल दीवाना कलम उठाकर जाने जाने ............ कुछ यूँ ही बुदबुदाने लगा मैं आपकी कविता ' कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे' पढ़कर ....
वाह जी बहुत मजा आया अपनी उसको भी सुना ही लूँ आज तो ......
सालगिरह पर हार्दिक बधाई ...

प्रवीण पाण्डेय said...

आप चारों को शत शत शुभकामनायें।

Ramakant Singh said...

तेरी प्यार भरी बातें मुझे सुखद अहसास कराती हैं
आंख मूंद लो तो लगे ऐसे जैसे तू पास बुलाती है
अब तो व्याकुल मन तेरी रटन लगाये रे
कविता तेरे प्यार में हाले-दिल बेहाल रे।।
kya baaat kah di aapane chalate chalate

दिगम्बर नासवा said...

प्रेम की ये बयार यूं हो चलती रहे ... खुशबू आती रहे ... पाती आती रहे ... सृजन होता रहे ...
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें ...

virendra sharma said...

यही है प्रीत की रीत विरह में भी मिलन ,मिलन में विरह

क्षण भर को तुम गए दूर ,

लगता था जैसे गए भूल ,

जाने वाले जाते जैसे ,

छिड़ पंथ में अपने धूल।

Swapnil Shukla said...

amazingly impressive .............extraordinarily wonderful blog ....plz do visit my new post : http://swapniljewels.blogspot.in/2013/12/blog-post.html

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

वाह क्या बात! बहुत ख़ूब!

इसी मोड़ से गुज़रा है फिर कोई नौजवाँ और कुछ नहीं

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' said...

प्रेम में ये स्वाभाविक ही है...आखिर कविता प्रेम की भावना को और भी पुख्ता जो करता है...
उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...
नयी पोस्ट@ग़ज़ल-जा रहा है जिधर बेखबर आदमी

Anonymous said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

Vaanbhatt said...

देर से ही सही...हार्दिक बधाई आप दोनों को...

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत ही प्यारी कविता है..
बहुत बहुत बधाई...
ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ...
:-)

Madan Mohan Saxena said...

बहुत सुन्दर . अच्छी प्रस्तुति

Unknown said...

बहुत सुन्दर
बहुत बहुत बधाई!!

Unknown said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!!!

कालीपद "प्रसाद" said...

देर से ही सही , बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !
नई पोस्ट चाँदनी रात
नई पोस्ट मेरे सपनों का रामराज्य ( भाग २ )

Jigyasa Singh said...

बहुत सुंदर,भावपूर्ण अभिव्यक्ति 💐💐