लोकोक्तियों की कविता: लोक-संस्कृति को सहेजने का एक अनूठा प्रयास - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।

सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

लोकोक्तियों की कविता: लोक-संस्कृति को सहेजने का एक अनूठा प्रयास




लोकोक्तियाँ और कहावतें किसी भी समाज के दीर्घकालिक अनुभवों, चिंतन और जीवन-मूल्यों का निचोड़ होती हैं। ये थोड़े शब्दों में बड़ी और अकाट्य बात कहने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। हिंदी और इसकी समृद्ध बोलियों में संदेशपूर्ण व प्रेरक कहावतों की एक सुदीर्घ परंपरा रही है, जो हमारी संस्कृति के मूल तत्वों को अपने भीतर समाहित किए हुए हैं। इनके पीछे छिपी अंतर्कथाएं न केवल ज्ञानवर्धन करती हैं, बल्कि पाठक को गहराई से सोचने के लिए प्रेरित भी करती हैं।
चुनौती और हमारा संकल्प:
अत्यंत खेद का विषय है कि आधुनिक हिंदी साहित्य लेखन में लोकोक्तियों का प्रयोग निरंतर कम होता जा रहा है, जिससे हमारी यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत लुप्त होने के कगार पर है। इसी सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से, मैंने इन लोकोक्तियों को अत्यंत सरल और सुबोध कविता के रूप में ढालने का एक विनम्र प्रयास किया है।
पुस्तक की विशेषताएं और उपादेयता
जिज्ञासा और जागरूकता: यह कृति विद्यालय और महाविद्यालय के विद्यार्थियों में लोक-साहित्य के प्रति रुचि और जागरूकता पैदा करेगी।
सरल प्रस्तुतीकरण: क्लिष्ट अर्थों वाली लोकोक्तियों को काव्यात्मक शैली में पिरोया गया है, जिससे यह आम पाठकों के लिए भी बेहद सुग्राह्य बन पड़ी है।समीक्षकों की दृष्टि में उपयोगी: भाषाई और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समृद्ध होने के कारण यह पुस्तक साहित्य के समीक्षकों और शोधार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
'शब्द.इन' बेस्ट सेलर प्रतियोगिता की विजेता कृति
मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि 'लोकोक्तियों की कविता' को प्रसिद्ध साहित्यिक मंच शब्द.इन मंच के 'बेस्ट सेलर प्रतियोगिता के प्रतिभागी के रूप में सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तक के रूप में विजेता घोषित किया गया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के पुरस्कार स्वरूप, शब्द.इन प्रकाशन द्वारा इस पुस्तक को  '25000 रुपये की वैल्यू का शब्द.इन का स्टैण्डर्ड मार्केटिंग पैकेज'  के तहत विशेष रूप से प्रमोट और प्रकाशित किया गया है।
यह  'लोकोक्तियों की कविता'   पुस्तक पाठकों के लिए ऑनलाइन (ई-बुक) और पेपरबैक (प्रिंट) दोनों प्रारूपों में उपलब्ध है। आप इसे अमेज़न (Amazon), फ्लिपकार्ट (Flipkart), शब्द.इन (Shabd.in) से प्राप्त कर सकते हैं।
आइए, अपनी भाषा और संस्कृति के इस उत्सव में भागीदार बनें और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ें।

Link  'लोकोक्तियों की कविता' 

https://hindi.shabd.in/books/10087557

कविता रावत   

4 टिप्‍पणियां:

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

शुभकामनाएँ

मन की वीणा ने कहा…

आत्मीय शुभकामनाएं।
बहुत सार्थक प्रयास।
पुस्तक की कामयाबी निश्चित है,विषय यूनीक है।

Rupa Singh ने कहा…

बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

Jyoti khare ने कहा…

अद्भुत कार्य किया है आपने
हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

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