दो जून की रोटी । कविता - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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रविवार, 2 जून 2024

दो जून की रोटी । कविता


आज दो जून का दिवस

सबको मिले खाने को रोटी

भूखा न रहे कोई भी

मिले दो जून की रोटी


अमीर हो या गरीब

सबको समय पर मिले रोटी

भूख लगे तो मिले सबको

दो जून की रोटी


बासी हो या ताजी

पतली हो या मोटी

खाली पेट न रहे कोई

मिले दो जून की रोटी


भीख में न मिले किसी को

ये बदकिस्मत की रोटी

भूखे पेट न रहे कोई

मिले दो जून की रोटी

...G.S. Kandari

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