नवदुर्गा देवी आरती। नवरात्रि
कविता रावत
सितंबर 21, 2025
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जय जय जय शैलपुत्री माता, प्रथम रूप में तुम हो विधाता। हाथ में त्रिशूल, कमल विराजे, नंदी पर तुम हो, हर दु:ख भाजे। पर्वत पुत्री, भक्तों की रक्...
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