मां दुर्गा का चौथा स्वरूप माता कूष्मांडा है,
कविता रावत
सितंबर 25, 2025
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जय जय जय कूष्मांडा मैया, चतुर्थ रूप में तुम हो दया। सृष्टि की देवी, ब्रह्मांड रचती, अष्ट भुजा में तुम सब रखती। हाथ में अमृत, कमंडल सोहे, सिं...
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