दो घरों का मेहमान भूखा मरता है - KAVITA RAWAT
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बुधवार, 7 अक्तूबर 2015

दो घरों का मेहमान भूखा मरता है

दो नावों पर पैर रखने वाला मझधार में डूबता है।
दो घरों का मेहमान भूखा मरता है।।

दुविधा में प्रायः अवसर हाथ से निकल जाता है।
बहुत सोच-विचारने वाला कुछ नहीं कर पाता है।।

शुभ मुहूर्त की उधेड़बुन में सही वक्त निकल जाता है।
दो खरगोशों के पीछे दौड़ने पर कोई भी हाथ नहीं आता है।।

मेढ़कों के टर्र-टर्राने से गाय पानी पीना नहीं छोड़ती है।।
कुत्ते भौंकते रहते हैं पर हवा जो चाहे उड़ा ले जाती है।।

23 टिप्‍पणियां:

  1. दो नावों पर पैर रखने वाला मझधार मैं डूबता है

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  2. मेढ़कों के टर्र-टर्राने से गाय पानी पीना नहीं छोड़ती है।।
    कुत्ते भौंकते रहते हैं पर हवा जो चाहे उड़ा ले जाती है।।
    ........................
    खूब! बहुत खूब!

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  3. दुविधा में प्रायः अवसर हाथ से निकल जाता है।
    बहुत सोच-विचारने वाला कुछ नहीं कर पाता है।।

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  4. बाढ़िया । पेज मे बहुत जगह छूट गई है ठीक कर लीजिये ।

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    1. मैंने बहुत कोशिश की लेकिन ठीक नहीं हो पा रहा है...

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  5. आप की लिखी ये रचना....
    07/10/2015 को लिंक की जाएगी...
    http://www.halchalwith5links.blogspot.com पर....
    आप भी इस हलचल में सादर आमंत्रित हैं...


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  6. शुभ मुहूर्त की उधेड़ बुन में सही वक्त निकल जाता है
    सटीट रचना

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  7. शुभ मुहूर्त की उधेड़ बुन में सही वक्त निकल जाता है
    सटीट रचना

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  8. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, उधर मंगल पर पानी, इधर हैरान हिंदुस्तानी - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  9. "
    मेढ़कों के टर्र-टर्राने से गाय पानी पीना नहीं छोड़ती है।।
    कुत्ते भौंकते रहते हैं पर हवा जो चाहे उड़ा ले जाती है।।"

    अति सुंदर कविता जी......

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  10. पेज मे बहुत जगह छूट गई है जिसके कारण मैं यही समझता रहा कि पेज ठीक से लोड़ नही हो रहा है। किन्तु आज पुनः प्रयास करने पर पढ़ सका।

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    1. मैं समझ नहीं पा रही हूँ पेज में जगह क्यों छूटी है . कई बार कोशिश करके देख लिया..

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  11. आपके पोस्ट में खाली जगह बहुत छुट गयी है उसे सही कर ले कोई भी ब्लॉग या कंप्यूटर समस्या के लिए देखे www.kitanaseekha.com

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  12. शुभ मुहूर्त की उधेड़बुन में सही वक्त निकल जाता है, शानदार कविता

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  13. बिल्‍कुल सही कहा आपने कि दो घरों का मेहमान भूखा मरता है।

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  14. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (11-10-2015) को "पतंजलि तो खुश हो रहे होंगे" (चर्चा अंक-2126) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  15. उम्दा प्रस्तुति ।
    कैसे जोड़े फेसबुक पर विरासत सम्पर्क http://raajputanaculture.blogspot.com/2015/10/howtolegacycontactFacebook.html

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  16. द्विधा से बड़ी मन की कोई और बाधा नहीं है ,यह मनोबल बनने ही नहीं देती ,

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