दिल से दिल का राब्ता होता है - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
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सोमवार, 8 फ़रवरी 2010

दिल से दिल का राब्ता होता है

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दिल से दिल का राब्ता होता है, 
जब वहां जगह बने, तो घर में भी स्थान मिल जाता है। 
यह मनुष्य का एक छुपा हुआ खजाना है— 
जहाँ छोटे-छोटे उपहार भी आत्मीयता जताते हैं, 
और बड़े-बड़े उपहार महज़ दौलत का नुमाइश बन जाते हैं।

दौलत की चमक से कहीं बढ़कर है दिल की ये ख़ुशी, 
हज़ारों गवाहों की तस्दीक से भी अफ़ज़ल है इसकी हँसी। 
पर जब इस दिल के भीतर कोई ज्वाला भड़कती है, 
तब शब्दों के रूप में कुछ चिंगारियाँ मुँह से निकलती हैं।

काँच का एक नाज़ुक महल है यह दिल, 
जो टूट जाए तो मरम्मत नामुमकिन सी होती है। 
जब इसमें आग सुलगती है, तो ज़हन धुएँ से भर जाता है, 
फिर आँखें छलक उठती हैं, और दिल भर-आता है।

@कविता रावत 

11 टिप्‍पणियां:

परमजीत सिहँ बाली ने कहा…

भाव अच्छॆ है लेकिन कुछ कमी सी लगती है..कोशिश जारी रखें।शुभकामनायें।

संजय भास्‍कर ने कहा…

GAREEBI PAR MERI RACHNA JAROOR DEKHNA KAVITA JI...

मनोज कुमार ने कहा…

कुछ अलग से भाव लिये दिल से दिल पर लिखी रचना अच्छी लगी।

mukti ने कहा…

भाव ही सब कुछ होते हैं और जब भावों डूब कर कोई रचना की जाती है, तो वह दिल को छू जाती है.

कडुवासच ने कहा…

....सुन्दर रचना!!!!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

दिल आदमी का छुपा हुआ खजाना है
छोट-छोटे उपहार दिल से दिए जाते हैं
पर बड़े-बड़े उपहार दौलत दिखाना है...

सच कहा .... दिल तो बच्चा है, थोड़ा कच्चा है...... पर सच्चा भी है ........ अंदर उठते हुवे भावों का आईना है ......
बहुत अच्छी रचना है .........

Apanatva ने कहा…

Bahut acchee lagee ye kavita..........

Urmi ने कहा…

दिल की ख़ुशी दौलत से बढकर है
यह हजारों लोगों से गवाही से बढकर है ..
बिल्कुल सही कहा है आपने! बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

संजय भास्‍कर ने कहा…

सुन्दर कवितायें बार-बार पढने पर मजबूर कर देती हैं. आपकी कवितायें उन्ही सुन्दर कविताओं में हैं.

Pushpendra Rawat ने कहा…

Naksali samasya per apke comments pravkta per sarahniya hain.

Apanatva ने कहा…

saritaiti@gmail.com
mera E Mail ID ye hai...

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