अप्रैल 2024 - Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

मंगलवार, 30 अप्रैल 2024

रविवार, 28 अप्रैल 2024

हाथ में सब्र की कमान हो तो तीर निशाने पर लगता है।

अप्रैल 28, 2024
हाथ  में सब्र की कमान हो तो तीर निशाने पर लगता है। आराम-आराम से चलने वाला सही सलामत घर पहुँचता है।। एक-एक पायदान चढ़ने वाले पूरी सीढ़ी चढ...
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गुरुवार, 25 अप्रैल 2024

सैकड़ों गीदड़ों के लिए एक शेर ही ग़नीमत है। लोकोक्तियों की कविता

अप्रैल 25, 2024
मुर्गा अपने दड़बे पर बड़ा दिलेर होता है अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है दुष्ट लोग क्षमा नहीं दंड के भागी होते हैं लातों के भूत बातों से...
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मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

भक्ति और शक्ति के बेजोड़ संगम हैं हनुमान। श्री हनुमान जन्मोत्सव

अप्रैल 23, 2024
चैत्रेमासि सिते मक्षे हरिदिन्यां मघाभिधे। नक्षत्रे स समुत्पन्नो हनुमान रिपुसूदनः।। महाचैत्री पूर्णिमायां समुत्पन्नोऽञ्जनीसुतः। ...
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सोमवार, 22 अप्रैल 2024

रविवार, 21 अप्रैल 2024

गुरुवार, 11 अप्रैल 2024

मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

नवरात्र के व्रत और बदलते मौसम के बीच सन्तुलन

अप्रैल 09, 2024
जब प्रकृति हरी-भरी चुनरी ओढ़े द्वार खड़ी हो, वृक्षों, लताओं, वल्लरियों, पुष्पों एवं मंजरियों की आभा दीप्त हो रही हो, शीतल मंद सुगन्धित...
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श्रीराम के आदर्श शाश्वत और जीवन मूल्य कालजयी होने के कारण आज भी प्रासंगिक हैं | रामनवमी |

अप्रैल 09, 2024
जब मंद-मंद शीतल सुगंधित वायु प्रवाहित हो रही थी, साधुजन प्रसन्नचित्त उत्साहित हो रहे थे, वन प्रफुल्लित हो उठे, पर्वतों में मणि की खदाने...
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