Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona: व्यंग्य
ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता, कहानी, गीत, गजल, लेख, यात्रा संस्मरण और संस्मरण द्वारा अपने विचारों व भावनाओं को अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का हार्दिक स्वागत है।
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मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

रविवार, 19 दिसंबर 2021

ढपली और झुनझुने का गणित | हिन्‍दी कहानी |

दिसंबर 19, 2021 16
गर्मियों के दिन थे। सुबह-सुबह सेठ जी अपने बगीचे में घूमते-घामते ताजी-ताजी हवा का आनन्द उठा रहा थे। फल-फूलों से भरा बगीचा माली की मेहनत की रं...
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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

भ्रष्टाचार! तेरे रूप हजार

अप्रैल 26, 2011 58
भ्रष्टाचार! तेरे रूप हजार, सदियों से अक्षुण्ण तेरा यह कारोबार। देख तेरा यह वैभवशाली ठाट-बाट, कौन करेगा अब तेरा बहिष्कार? यहाँ तो हर शीश ...
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