Kavita Rawat Blog, Kahani, Kavita, geet, bhajan, Lekh, Yatra vritant, Sansmaran, Bacchon ka Kona: सामाजिक विसंगति
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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

भ्रष्टाचार! तेरे रूप हजार

अप्रैल 26, 2011 58
भ्रष्टाचार! तेरे रूप हजार, सदियों से अक्षुण्ण तेरा यह कारोबार। देख तेरा यह वैभवशाली ठाट-बाट, कौन करेगा अब तेरा बहिष्कार? यहाँ तो हर शीश ...
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